केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Union Minister of Human Resource Development Ramesh Pokhriyal Nishank ) ने राज्यों के मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें स्कूलों को फिर से खोलने की बात भी की गई।
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Union Minister of Human Resource Development Ramesh Pokhriyal Nishank ) ने राज्यों के मंत्रियों के साथ समीक्षा बैठक की जिसमें स्कूलों को फिर से खोलने की बात भी की गई। इस महीने की शुरुआत में, पोखरियाल ने कहा था कि स्कूलों के 15 अगस्त के बाद फिर से खुलने की उम्मीद की जा सकती है और एनसीईआरटी (NCERT) इस संबंध में दिशा-निर्देशों की रूपरेखा तैयार कर रहा है। कई ट्वीट करके मानव संसाधन विकास मंत्री ने बताया कि स्कूली शिक्षा को लेकर उन्हें राज्य सरकारों से बहुमूल्य सुझाव मिले हैं। हमारी प्राथमिकता हमेशा छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने पर निर्णय लेने से पहले स्वास्थ्य मंत्रालय और गृह मंत्रालय से और सुझाव मांगे जाएंगे। अपने ट्विटर हैंडल पर निशंक ने लिखा, प्राप्त सुझावों की समीक्षा की जाएगी और उन्हें COVID-19 के दौरान शिक्षा क्षेत्र के लिए दिशा-निर्देश तैयार करने के संबंध में उचित सुझावों के लिए स्वास्थ्य और गृह मंत्रालयों के पास भेजा जाएगा। उल्लेखनीय है कि मानव संसाधन विकास मंत्री ने इससे पहले बैठने की व्यवस्था और समय में बदलाव को लेकर सूचित किया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कक्षाओं को भी विभाजित करने पर विचार किया जा रहा है।
इससे पहले, एक वेबिनार में, एचआरडी स्कूल शिक्षा और साक्षरता सचिव अनीता करवाल (HRD Secretary of School Education and Literacy Anita Karwal) ने कहा था, हम जानते हैं कि जब भी स्कूल खुलेंगे, तो उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग (social distancing) नियम का करना होगा और बहुत सी सावधानियां बरतने की जरूरत होगी। करवार ने आगे कहा था, कक्षाओं में सीखने का तरीका बदलने जा रहा है, शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को बहुत सारे समायोजन करने की आवश्यकता होगी। उन्होंने कहा था कि जब भी बच्चों को स्कूल बुलाया जाएगा, तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा, खासकर स्कूल के प्रवेश और निकास द्वारों पर।