केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने आईआईटी मद्रास ( IIT Madras ) का नाम बदलने को लेकर जारी चर्चा पर विराम लगा दिया है। कई दिनों से अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास का नाम बदलकर आईआईटी चेन्नई किया जा रहा है।
नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में साफ कर दिया है कि आईआईटी मद्रास का नाम बदलने की कोई योजना नहीं है। न ही इस तरह का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। इसको लेकर कई दिनों से अटकलें लगाई जा रहीं थीं कि भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास ( IIT Madras ) का नाम बदलकर आईआईटी चेन्नई किया जा रहा है। बता दें कि 1996 में तमिलनाडु सरकार द्वारा मद्रास शहर का नाम बदलकर चेन्नई कर दिया गया है।
आयोग में तीन संस्थाओं का होगा विलय
इसके अलावा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारतीय उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना के लिए एक विधेयक का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया जारी है। प्रस्तावित विधेयक के मुताबिक भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) और राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) जैसे तीन स्वायत्त निकायों की जगह लेगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने चिकित्सा और कानूनी शिक्षा को छोड़कर, उच्च शिक्षा के लिए हायर एजुकेशन कमीशन को एकछत्र निकाय के रूप में स्थापित करने की सिफारिश की गई है।
एक छत्र निकाय के रूप में काम करेगा आयोग
उन्होंने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि शिक्षा मंत्रालय ने कैबिनेट की मंजूरी प्राप्त करने के बाद 29 जुलाई, 2020 को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ( NEP 2020 ) घोषणा की थी। मंत्रालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अलग-अलग कार्यों को करने के लिए चार स्वतंत्र वर्टिकल विनियमन, मान्यता, वित्त पोषण, और अकादमिक मानक सेटिंग के साथ एक छत्र निकाय के रूप में भारतीय उच्च शिक्षा आयोग की स्थापना का प्रयास कर रहा है।