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JEE Success Story: कोटा में पढ़ने के पैसे नहीं थे तो लौटना पड़ा, अब IIT में पढ़ने का सपना होगा पूरा, जानिए कानपुर के धीरज की कहानी

JEE Success Story: एक साल की खेती और दो साल मजदूरी तब जाकर चलता है चुनटाई कुशवाहा के परिवार का जीवन। लेकिन इतनी दिक्कतों के बाद भी उनके बेटे धीरज ने जेईई एडवांस। आइए, जानते हैं धीरज की कहानी

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JEE Success Story: एक साल की खेती और दो साल मजदूरी तब जाकर चलता है चुनटाई कुशवाहा के परिवार का जीवन। लेकिन इतनी दिक्कतों के बाद भी उनके बेटे धीरज ने जेईई एडवांस (JEE Advance 2024) क्रैक कर लिया। धीरज ने जेईई एडवांस (JEE Advance 2024) में 2968 कैटेगरी रैंक प्राप्त की है।

धीरज अपने गांव के पहले इंजीनियर होंगे (JEE Success Story Of Kanpur Dheeraj)

धीरज कानपुर (Kanpur News) के हमीरपुर के धनपुरा का रहने वाले हैं। उनके पिता चुनटाई कुशवाहा किसान हैं और मां लक्ष्मी गृहिणी हैं। धीरज के पिता तीन भाई हैं और एक हेक्टेयर खेत हैं। तीनों भाइयों को एक-एक साल के लिए खेत मिलता है। अन्य दो साल परिवार की खर्ची के लिए मजदूरी करनी पड़ती है। धीरज ने घाटमपुर के अनुभव इंटर कॉलेज से 90.6 फीसदी अंक के साथ 12वीं पास किया है। धीरज के गांव से वे पहले इंजीनियर होंगे।

धीरज की सफलता पर परिवार वाले बेहद खुश हैं (JEE Success Story)

धीरज कुमार के पिता ने बहुत कोशिश करके उन्हें कोटा भेजा। लेकिन फीस और खर्च देखकर वे लौट आए। गेल उत्कर्ष की मदद मिली और धीरज ने अपनी तैयारी शुरू की। वहीं, उन्होंने जेईई एडवांस में सफलता (JEE Success Story) हासिल करके अपने परिवार को गौरवान्वित किया है।

करीब 2 लाख छात्रों ने दी थी JEE एडवांस की परीक्षा

बता दें, जेईई एडवांस्ड परीक्षा का आयोजन 26 मई 2024 के दिन किया गया था। इस दिन पेपर 1 और पेपर 2 दोनों को एक साथ आयोजित किया गया था। पेपर-1 पहली पाली में आयोजित की गई थी और वहीं पेपर-2 की परीक्षा दूसरी पाली में हुई थी। इस वर्ष पेपर-1 और पेपर -2 को मिलाकर कुल 1,80,000 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। वहीं कुल पास हुए उम्मीदवारों की संख्या 48248 है। 

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