NEET MDS 2021 Counselling: सुप्रीम कोर्ट ने एमडीएस काउंसलिंग में देरी करने को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी- नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेंस टेस्ट 16 दिसंबर, 2020 को आयोजित किया गया था। लगभग 30,000 बीडीएस डॉक्टरों ने 6,500 एमडीएस सीटों पर प्रवेश के लिए परीक्षा दी थी।
NEET MDS 2021 Counselling: डेंटल ग्रेजुएट के छात्रों ने नीट एमडीएस 2021 की काउंसलिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। छात्रों ने याचिका के जरिए मांग थी कि काउंसलिंग की तारीख जल्द घोषित करने का निर्देश दिए जाएं। सोमवार को छात्रों का पक्ष सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने लेटलतीफी के लिए केंद्र सरकार को फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने केंद्र को काउंसलिंग की तारीख पर एक हफ्ते के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया है।
सरकार डॉक्टरों की जिंदगी बर्बाद कर रही है
देश की सर्वोच्च अदालत ने कहा है कि सरकार डॉक्टरों की जिंदगी बर्बाद कर रही है और यह देश के लिए नुकसानदायक है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हृषिकेश रॉय ने मामले की सुनवाई की. उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा कि आप काउंसलिंग कब करने जा रहे हैं। सरकार इस पर ढिलाई बरत रही है। आपको MDS NEET के लिए दाखिला पूरा करना होगा। वे योग्य बीडीएस डॉक्टर हैं और अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं। भारत को नुकसान है कि आप पीजी के छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी नहीं करने दे रहे हैं।
वर्चुअल मोड में हो काउंसलिंग
इसके जवाब में केंद्र ने कहा कि कोटा पर मद्रास हाईकोर्ट के फैसले के कारण देरी हुई है और कोटा तय करने के लिए समिति का गठन किया गया है। जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट का आदेश अक्टूबर में है। अब हम जुलाई में हैं। याचिकाकर्ता के वकील विकास सिंह ने कोर्ट से कहा कि काउंसलिंग वर्चुअल ही होनी चाहिए।बता दें कि दिसंबर 2020 में आयोजित परीक्षाओं के परिणाम 31 दिसंबर, 2020 को जारी किए गए थे।