शिक्षा

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मानी चूक, जानिए नीट पेपर लीक और CBI जांच पर क्या कहा

NEET Paper Leak Row: नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मानी सिस्टम की बड़ी चूक। जानिए परीक्षा रद्द होने से लेकर 15 मिनट एक्स्ट्रा मिलने तक सरकार ने क्या-क्या बड़े ऐलान किए।
2 min read
May 15, 2026
Neet paper leak 2026 news
Neet UG 2026 Paper Leak (Image- AI)

NEET UG Paper Leak:नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में भारी हंगामे के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार यानी आज एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में हुई चूक को खुले तौर पर स्वीकार किया है। शिक्षा मंत्री ने माना कि, राधाकृष्णन कमेटी की सिफारिशें लागू होने के बावजूद परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था और कमांड चेन टूट गई थी। छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाते हुए उन्होंने कहा, परीक्षा व्यवस्था पर दोबारा विश्वास कायम करने के लिए सरकार हर संभव और कड़े कदम उठाएगी।

कैसे हुआ पेपर लीक का खुलासा

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने परीक्षा से लेकर उसे रद्द करने तक की पूरी टाइमलाइन भी समझाई। उन्होंने बताया:

  • नीट यूजी 2026 की परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी।
  • 7 मई को परीक्षा में गेस पेपर और पेपर लीक होने की चिंताएं पहली बार सामने आईं।
  • शिकायतें मिलने के तुरंत बाद मामले की जानकारी केंद्रीय जांच एजेंसियों को दी गई।
  • महज तीन चार दिन के भीतर ही अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि कर दी कि प्रश्न पत्र वाकई में लीक हुआ था।
  • इस पुष्टि के बाद सरकार ने तय किया कि मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और 12 मई को परीक्षा रद्द करने का कठिन लेकिन जरूरी फैसला लिया गया।

छात्रों को मिलेगा 15 मिनट का एक्सट्रा समय

शिक्षा मंत्री ने बताया कि, 21 जून को होने वाली दोबारा परीक्षा (री-एग्जाम) के एडमिट कार्ड 14 जून तक जारी कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही कैंडिडेट्स की परेशानी को कम करने और उन्हें सहूलियत देने के लिए इस बार परीक्षा में 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा।

दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई

धर्मेंद्र प्रधान ने साफ किया कि, सरकार किसी भी तरह की धांधली के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने बताया कि, कुछ असामाजिक तत्वों और तकनीक के गलत इस्तेमाल के कारण यह सेंधमारी हुई है। पूरे मामले की तह तक जाने और दोषियों को पकड़ने के लिए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को विस्तृत जांच सौंप दी गई है। जो भी व्यक्ति इस पेपर लीक की चेन में शामिल पाया जाएगा उसे सख्त सजा मिलेगी।

जीरो एरर ही है हमारा लक्ष्य

भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। शिक्षा मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए कहा कि, मैं मानता हूं कि हमें अपने सिस्टम में उचित सुधार करने होंगे। हमारा लक्ष्य अब परीक्षाओं में जीरो एरर सुनिश्चित करना है और यह हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।