अब सरकारी-प्राइवेट कॉलेज अपनी मर्जी से स्टूडेंट्स को प्रवेश नहीं दे सकेंगे।
अब सरकारी-प्राइवेट कॉलेज अपनी मर्जी से स्टूडेंट्स को प्रवेश नहीं दे सकेंगे। यह नया नियम छत्तीसगढ़ में लागू शिक्षा सत्र 2018-19 यानी अगले साल से बीए, बीकॉम, बीएससी समेत अन्य कोर्स के लिए कॉलेजों में लागू किया जा रहा है। इस नियम के लागू होने के बाद कॉलेज अपनी मर्जी से किसी भी स्टूडेंट को प्रवेश नहीं दे सकेंगे। छात्र कॉलेज में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करेंगे। उसके बाद उनके अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार होगी। इसी मेरिट लिस्ट के आधार पर सीटों का आवंटन किया जाएगा।
अकों के आधार पर तय होगा प्रवेश
इस नए नियम के मुताबिक छात्रों का किसी भी कॉलेज में दाखिला उनके अंकों के आधार पर तय होगा। अब इसी पैटर्न के अनुसार सरकारी और प्राइवेट कॉलेजों में सीटें आवंटित की जाएंगी। शिक्षा सत्र 2019 में दाखिले के फार्मूले में बदलाव की तैयारी भी की जा रही है। कॉलेजों में अब एजेंसीज के जरिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रवेश की प्रक्रिया छात्रों के आवेदन के साथ ही शुरू कर दी जाएगी।
एकसाथ 4—5 कॉलेजों में कर सकेंगे आवेदन
अब कॉलेजों में ऑनलाइन आवेदन ही किए जा सकेंगे। ऐसा तैयार किया जा रहा है कि छात्र अब एकसाथ चार-पांच कॉलेजों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे छात्रों को उनकी मेरिट के अनुसार कॉलेज में सरल तरीके से आवेदन करने के साथ ही दाखिला मिलना आसान हो जाएगा। ऑनलाइन आवेदन के लिए पहले वाला ही सिस्टम यूज किया जा सकता है।
प्रवेश के लिए मिलेगा समय
कॉलेज छात्रों को अब संबंधित सीट पर प्रवेश लेने के लिए 10 दिनों का तक का समय दिया जा रहा है। हालांकि अब कॉलेजों में अब पहले आओ पहले पाओ का फॉर्मूला नहीं चलेगा। लेकिन अब बीए, बीकॉम, बीएससी समेत पीजी कक्षाओं में समान रूप से सीटे दी जाएंगी।