
Success Story: हिम्मत और जुनून हो तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है। कुछ ऐसी ही कहानी महाराष्ट्र बोर्ड से 10वीं कक्षा पास करनी वाली प्रियंका कांबले (Waste Picker Priyanka Kamble) की। अब आप सोच रहे होंगे कि 10वीं पास करना कौन सी बड़ी बात है। लेकिन प्रियंका के लिए ये इतना आसान नहीं थी। प्रियंका कचरा बीनने का काम करती हैं। साथ ही बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी भी उनके कंधे पर है। ऐसे में छूटी हुई पढ़ाई को पूरा करना प्रियंका के लिए काफी मुश्किल रहा। लेकिन प्रियंका ने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने कोशिश की औरसफलता हासिल कर ली।
प्रियंका की उम्र सिर्फ 28 साल है। वे फिलहाल पुणे में रहती हैं। वे कचरा बीनने का काम करती हैं। इसी से उनका परिवार चलता है। उनकी मां, दादा और दादी सभी यही काम किया किया करते थे। प्रियंका ने चौथी कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। फिर उनकी शादी हो गई और बाद में बच्चे। इन सब के बीच प्रियंका इतनी उलझ गई कि दोबारा पढ़ाई शुरू करने का कभी मौका ही नहीं मिला।
“रोज सुबह उठते ही घर के कामों में लग जाना फिर बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजना और खुद कचरा बीनने जाना”, यही था प्रियंका का रोज का रूटीन। हमेशा उन्हें इस बात का अफसोस होता कि पढ़ाई बीच में छूट गई। लेकिन वापस से पढ़ाई कैसे शुरू की जाए, ये प्रियंका को नहीं पता था। एक इंटरव्यू में प्रियंका बताती हैं कि न उनके पास स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट था न स्कूल शुरू करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज।
शादी के कुछ सालों तक प्रियंका का सोलहरपुर में रहना हुआ। फिर जब वे पुणे आईं तो शुरुआत के कुछ साल तक लोगों के घरों में मेड का काम किया। बाद में उन्होंने कचरा बीनने का काम शुरू कर दिया। प्रियंका ने इस बार महाराष्ट्र बोर्डएसएससी यानी कि कक्षा 10वीं की परीक्षा पास कर ली। प्रियंका उन सभी लड़कियों के लिए प्रेराणास्त्रोत हैं जो आर्थिक तंगी, सामाजिक दबाव या परिवारिक उलझनों के कारण अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ देती हैं।
एक इंटरव्यू में प्रियंका बताती हैं कि जहां वो काम करती हैं उनके मालिक ने पढ़ाई करने में काफी मदद की। वे ही प्रियंका को स्कूल लेकर गए और टीचर से मिलवाया। टीचर ने एक किताब पढ़ने को दी। प्रियंका ने किताब तो पढ़ी लेकिन शब्दों को जोड़-जोड़कर। इसके बाद उन्हें पहले 8वीं कक्षा की पढ़ाई करने को कहा गया। प्रियंका ने अपने व्यस्त दिनचर्या में से थोड़ा-थोड़ा समय निकालकर पढ़ाई की।
प्रियंका ने बताया कि उन्हें ससुराल वाले ताना देते थे। कहते थे कि वे अपने बेटे के लिए ऐसी बहु चाहते थे जो पढ़ी-लिखी हो। इस बात से प्रियंका काफी परेशान होती थीं। इसलिए उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने का संकल्प लिया। 10वीं कक्षा की तैयारी के लिए शिक्षकों ने प्रियंका को 12 से 15 दिन काम से छुट्टी लेने का सुझाव दिया था, जोकि उनके लिए काफी मुश्किल हो गया। लेकिन प्रियंका ने काम से छुट्टी लिए बिना पढ़ाई की और परीक्षा पास कर ली। उन्होंने बताया कि ये तो सिर्फ शुरुआत है वे आगे भी पढ़ना चाहती हैं।