इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस बार 12वीं व डिप्लोमा के अंकों के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा।
राज्य के इंजीनियरिंग कॉलेजों में इस बार 12वीं व डिप्लोमा के अंकों के आधार पर ही प्रवेश दिया जाएगा। ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया (REEP-2020) के वेबपोर्टल की शुरूआत बुधवार को तकनीकी शिक्षा राज्य मंत्री सुभाष गर्ग ने झालाना स्थित तकनीकी भवन में की। इस पोर्टल को सेन्टर फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स गवर्नेन्स (सीईजी) की ओर से तैयार किया गया है।
प्रवेश प्रक्रिया के दो चरणों में होगी। पहले चरण में इंजीनियरिंग कॉलेजों का पंजीकरण किया जाएगा, जो कि 15 से 25 जुलाई तक करवाया जा सकेगा। दूसरे चरण में छात्रों का पंजीयन होगा तथा यह प्रक्रिया 30 जुलाई से 20 अगस्त तक चलेगी। इसके अतिरिक्त राज्य में स्थित संस्थानों में MBA, MCA तथा B.Tech. प्रवेश के लिए आयोजित प्रवेश प्रक्रिया के लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा है जिसके माध्यम से विभिन्न संस्थानों में सत्र 2020-21 के लिए प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी।
CEG ने विकसित किया सॉफ्टवेयर
सीईजी ने ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर बारहवीं की मेरिट के आधार पर अभियांत्रिकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू की है। पहले यह कार्य आउटसोर्सिंग से कराया जा था, जिस पर करीब 15 लाख से अधिक खर्च होता था। इससे निजी एजेंसियों पर निर्भरता खत्म होगी और दूसरे विभागों को भी स्वयं के स्तर पर सॉफ्टवेयर विकसित करने की सीख मिलेगी। इस वर्ष पंजीकरण शुल्क में कटौती कर मात्र 250 रुपए रखा गया है।
कन्वीनर रीप-2020 एवं निदेशक सीईजी डॉ. संदीप कुमार ने बताया कि बीटेक, पॉलिटेक्निक डिप्लोमा, आईटीआई, एमबीए आदि में अध्ययनरत एवं पास आउट होने वाले अभ्यर्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर अपलब्ध कराने के लिए केन्द्रीकृत प्लेसमेंट सेल का पोर्टल विकसित किया गया है।