एमबीए, एमसीए और बीएचएमसीटी करने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए यह बड़ी खबर है।
एमबीए, एमसीए और बीएचएमसीटी करने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए यह बड़ी खबर है। तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से एमबीए, एमसीए व बीएचएमसीटी पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया के लिए सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक गर्वनेन्स (सीईजी), जयपुर को नोडल एजेंसी बनाया गया है। इन सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश केन्द्रीयकृत ऑनलाइन काउंसलिंग प्रक्रिया के माध्यम से किए जाएंगे। इसके तहत गठित राज्य स्तरीय कमेटी की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि गत वर्ष एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश सीमैट और एमसीए पाठ्यक्रम में प्रवेश आरएमकैट के नाम से किए जाते थे, लेकिन इस वर्ष एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश राजस्थान मैनेजमेंट एडमिशन प्रॉसेस (आरमैप) और एमसीए पाठ्यक्रम में प्रवेश राजस्थान एमसीए एडमिशन प्रॉसेस (आरएमकैप) के नाम से किए जाएंगे।
सीईजी के निदेशक एवं संयोजक डॉ. अविनाश पंवार ने बताया कि एमबीए पाठ्यक्रम में प्रवेश में प्रथम वरीयता सीमैट-2018 के स्कोर एवं द्वितीय वरीयता स्नातक के अंकों को दी जाएगी। इसी प्रकार एमसीए पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए प्रथम वरीयता निमसैट-2018 के स्कोर और द्वितीय वरीयता स्नातक के अंकों को दी जाएगी। इस वर्ष बीसीए, बीएससी (आई.टी./सी.एस.) उत्तीर्ण छात्रों को एमसीए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए गणित विषय की बाध्यता से मुक्त रखा गया है। स्नातक स्तर पर प्रवेश में राजस्थान राज्य के छात्रों को उच्च वरीयता दी जाएगी। इसके लिए कॉलेजों के रजिस्टे्रशन ३१ मई से होंगे। वहीं स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन 14 जून से शुरू किए जाएंगे। फस्र्ट राउंड के बाद बची सीटों पर संस्थान अपने स्तर पर नियमानुसार प्रवेश ले सकेंगे।
एमबीए में है अच्छा स्कोप
एमबीए यानी मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में करियर का अच्छा खासा स्कोप है। एमबीए की डिग्री के बाद आप किसी भी अच्छी कंपनी में ऊंचा पद पा सकते हैं। हालांकि इस क्षेत्र में एक्सपीरिएंस का अपना महत्व है, लेकिन डिग्री आपके लिए जॉब पाना और भी आसान कर देती है। यह दो साल का कोर्स होता है, जिसमें कॉरपोरेट वर्ल्ड की प्रेक्टिकल नॉलेज भी दी जाती है।