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SI Bharti 2021 News: SI भर्ती 2021 मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा- भर्ती रद्द ही रहेगी

Rajasthan SI bharti 2021: राजस्थान हाईकोर्ट ने लंबी सुनवाई के बाद एकल पीठ के भर्ती परीक्षा को रद्द करने का फैसले को बरकरार रखा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने डिविजन बैंच को जल्द मामले पर फैसला देने के लिए कहा था।

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Apr 04, 2026
राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा फैसला SI भर्ती 2021 रद्द। फोटो: एआइ

SI Bharti 2021: साल 2021 में शुरू हुई सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है। राजस्थान हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शनिवार 4 अप्रैल 2026 को साफ कर दिया कि SI भर्ती 2021 रद्द ही रहेगी। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ ने एकलपीठ के उस फैसले को बरकरार रखा जो 28 अगस्त 2025 को पेपरलीक और भारी अनियमितताओं के आधार पर सुनाया गया था। साथ ही डिवीजन बेंच ने एकलपीठ की ओर से आरपीएससी के खिलाफ लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान को रद्द कर दिया है।

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जानिए भर्ती की पूरी टाइमलाइन

एसआई भर्ती के इस बहुचर्चित मामले की शुरुआत 3 फरवरी 2021 को 859 पदों के नोटिफिकेशन के साथ हुई। इसके बाद 13 से 15 सितंबर 2021 को परीक्षा हुई जिसमें करीब 7 लाख 97 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। 3 लाख 80 हजार लिखित परीक्षा में बैठे, 20 हजार 359 फिजिकल टेस्ट पास किए और 3 हजार 391 इंटरव्यू तक पहुंचे।

खुलती गई एक के बाद एक परत

इस भर्ती प्रक्रिया में एक के बाद एक पेपरलीक के आरोप सामने आने लगे। इसके बाद पूरे मामले की जांच SOG को सौंपी गई और RPSC सदस्य रामूराम राईका और बाबूलाल कटरा गिरफ्तार हुए। एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को पेपरलीक, धांधली और भारी अनियमितत्ताओं के चलते भर्ती को रद्द कर दिया था। इसके बाद चयनित अभ्यर्थी खंडपीठ गए और खंडपीठ ने 8 सितंबर 2025 को एकलपीठ के फैसले पर रोक लगाई। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां फील्ड पोस्टिंग पर रोक लगाते हुए खंडपीठ को 3 महीने में फैसला देने को कहा। अब 4 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट की डिविजन बैंच ने भर्ती रद्द कर दी है।

राजस्थान में भर्ती घोटालों का पुराना दर्द

SI भर्ती 2021 कोई अकेली कहानी नहीं है। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का सिलसिला लंबे समय से चला आ रहा है। इस तरह के मामलों से RPSC जैसी संस्था भी सवालों के घेरे में आती है। अदालत ने भी माना कि परीक्षा में इतनी गहरी अनियमितताएं हैं कि अब दोषियों को बाकी अभ्यर्थियों से अलग कर पाना संभव नहीं है। इसीलिए पूरी भर्ती रद्द करना ही एकमात्र रास्ता है।

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