Sarkari School: शिक्षा विभाग ने सत्र 2024-25 के लिए अकादमिक योजना तैयार की है। इसके तहत विद्यार्थियों का सीखने का स्तर उनकी कक्षा के स्तर से किसी भी रूप में कम नहीं रहने दिया जाएगा।
Sarkari School: सरकारी स्कूल के बच्चों को प्राइवेट स्कूलों के छात्रों के स्तर पर लाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों के कक्षा 8वीं तक के बच्चों की समझ और सीखने का स्तर बेहतर किया जाएगा। इससे छात्र बोर्ड परीक्षा के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बेहतर कर पाएंगे। शिक्षा विभाग ने सत्र 2024-25 के लिए अकादमिक योजना तैयार की है। इसके तहत विद्यार्थियों का सीखने का स्तर उनकी कक्षा के स्तर से किसी भी रूप में कम नहीं रहने दिया जाएगा। शिक्षा निदेशक आशीण मोदी ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं।
सरकारी स्कूलों में रोज सातवां पीरियड रिवीजन का रखा जाएगा। शिक्षकों को प्रत्येक शनिवार को सप्ताह भर में इस पीरियड में कराई पढ़ाई का आकलन करना होगा। वहीं इसके बाद छात्रों को सोमवार और मंगलवार को गणित एवं विज्ञान के वही टॉपिक फिर से पढ़ाए जाएंगे, जो उन्हें समझ नहीं आए थे। इस पूरी कवायद के पीछे उद्देश्य है विद्यार्थियों की पढ़ने की क्षमता को बढ़ाना।
विद्यार्थियों को पढ़ने लिखने एवं समझने में सक्षम बनाना है। संख्याओं की पहचान और बुनियादी गणितीय संक्रियाओं में सत्र 2026-27 तक दक्ष बनाना। साथ ही शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि कक्षा 3 में पहुंचने से पहले ही छात्र पढ़ने-लिखने एवंं संख्या ज्ञान में कक्षा स्तर की दक्षता में सक्षम हो जाए। गणित की प्रशनावली और विज्ञान के सभी पाठों में फॉर्मूले समझ आ जाए।
शिक्षा विभाग का उद्देश्य है कि कक्षा 3 से 5 के विद्यार्थियों के पठन-पाठन क्रिया में सुधार करना है। लेखन में सुधार के साथ शब्दों का सही उच्चारण, वाक्य संरचना और वर्तनी एवं व्याकरण के ज्ञान को मजबूत करना। वहीं सरकार का उद्देश्य है कि कक्षा 6-8 के छात्रों में साहित्यिक एवं रचनात्मक कौशल का विकास हो। गणित में भी छात्र दक्ष बनें।