शिक्षा

अब स्कूलों में स्मार्टफोन के प्रयोग पर लगेगा प्रतिबंध, जानिए वजह

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व वाली एलआरईएम पार्टी और उसकी सहयोगियों के सांसदों ने विधेयक को अंतिम मंजूरी प्रदान की
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Updated: 1 Aug 2018, 6:14 PM IST
Smartphones ban
अब स्कूलों में स्मार्टफोन के प्रयोग पर लगेगा प्रतिबंध, जानिए वजह

किशोरों में बढ़ती डिजिटल लत पर लगाम लगाने के मकसद से फ्रांस सरकार ने स्कूल में स्मार्टफोन के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने के समर्थन में वोट दिया है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि यह फैसला फ्रांस में अगले महीने से शुरू हो रहे नए स्कूल सत्र से प्रभावी होगा।

'ली मोंडे' की रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के नेतृत्व वाली एलआरईएम पार्टी और उसकी सहयोगियों के सांसदों ने विधेयक को अंतिम मंजूरी प्रदान की। हालांकि वामपंथी और दक्षिणपंथी सांसद वोटिंग से अलग रहे और उन्होंने इस कदम को एक पब्लिसिटी स्टंट करार देते हुए कहा कि इससे कुछ भी नहीं बदलेगा।

शिक्षा मंत्री जीन-मिशेल ब्लैंकर ने पहले कहा था कि यह प्रतिबंध जन स्वास्थ्य का मामला है क्योंकि बच्चों ने ब्रेक में खेलना बिल्कुल छोड़ दिया है। ब्लैंकर के मुताबिक, यह कदम अन्य देशों को भी प्रोत्साहित करेगा ताकि वह युवा छात्रों की बेहतरी के लिए इस नियम को लागू करें।

बेटी की मौत की याद में इस क्लर्क ने भरी 45 बच्चियों की स्कूल फीस
कर्नाटक के एक सरकारी स्कूल के क्लर्क पद पर कार्यरत बासवराज नाम के व्यक्ति ने एक ऐसा काम किया है, जिसके बदल में पूरे देश में इनकी चर्चा हो रही है। आर्थिक स्थिति से ज्यादा मजबूत नहीं होने के बावजूद उन्होंने 45 गरीब लड़कियों की स्कूल फीस भरी है। उनके द्वारा किए गए इस नेक काम के बदले में उन्हें चारों ओर से बधाई मिल रही है।

जानिए किस वजह से किया बासवराज ने ये काम
आपको बता दें कर्नाटक के एक गांव के MPHS Govt High School के क्लर्क बासवराज ने 45 गरीब लड़कियों की स्कूल फीस भरने का नेक काम किया है। यह काम करने की पीछे की वजह भी बड़ी दिलचस्प है। बासवराज ने यह सराहनीय काम अपनी लाडली बेटी धनेश्वरी की याद में किया है, जिसकी मौत पिछले साल हो चुकी है। बासवराज ने कहा, इस साल से मैं उन गरीब लड़कियों की फीस भरूंगा जो स्कूल में पढ़ाई करती हैं।

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