Success Story: हरियाणा की दिव्या तनवर और राजस्थान की मुदिता शर्मा ने वर्ष 2022 में एक साथ यूपीएससी सीएसई की परीक्षा पास की। ये दोनों काफी अच्छी दोस्त हैं और इन्होंने दिल्ली में साथ रहकर तैयारी की थी। आइए, जानते हैं इनकी सक्सेस स्टोरी
Success Story: अपनी दोस्ती की मिसाल तो हर कोई देता है। लेकिन आपने कितने ही ऐसे दोस्तों की कहानी पढ़ी होगी, जिन्होंने एक साथ कुछ हासिल करने का सपना देखा और फिर उसे पूरा करने में भी एक दूसरे का साथ दिया। आज हम आपको ऐसी दो सहेलियों की कहानी बताएंगे, जिन्होंने एक साथ यूपीएससी की परीक्षा क्रैक की। हम बात कर रहे हैं मुदिता और दिव्या की।
हरियाणा की दिव्या तनवर और राजस्थान की मुदिता शर्मा ने वर्ष 2022 में एक साथ यूपीएससी सीएसई की परीक्षा पास की। ये दोनों काफी अच्छी दोस्त हैं और इन्होंने दिल्ली में साथ रहकर तैयारी की थी। दिव्या तनवर इससे पहले भी यूपीएससी सीएसई परीक्षा पास कर चुकी हैं। लेकिन तब उनका चयन IPS के रूप में हुआ था। हालांकि, उन्हें IAS सेवा चाहिए थे। ऐसे में उन्होंने ट्रेनिंग के दौरान एक और अटेंप्ट दिया।
वर्ष 2022 में ही दोनों ही दोस्त ने यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। दिव्या तनवर ने 105वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की तो वहीं मुदिता शर्मा ने 381वीं रैंक प्राप्त किया। मुदिता और दिव्या दोनों ने ही अपने इंटरव्यू के दौरान बताया कि यूपीएससी जैसी परीक्षा के लिए अच्छी और भरपूर नींद लेना बहुत जरूरी है। मुदिता ने कहा कि जरूरी नहीं कि लगातार 8-10 घंटे ही पढ़ा जाए। आप ब्रेक भी ले सकते हैं।
मुदिता राजस्थानके नागौर जिले के मेड़ता कस्बे की रहने वाली हैं। वे बचपन से ही पढ़ने में काफी तेज थीं। उन्होंने 10वीं की बोर्ड परीक्षा में ऑल राजस्थान मेरिट में 15वां स्थान हासिल किया था। जोधपुर के एसएन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद मुदिता ने जयपुर के एक निजी अस्पताल में कुछ महीनों के लिए प्रैक्टिस की। लेकिन उनकी दिलचस्पी बचपन से ही सिविल सेवा में थी। ऐसे में वे जयपुर छोड़कर दिल्ली रहने चली गईं और वहां यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। मुदिता के पिता भगवती लाल शर्मा प्रिंसिपल हैं और मां पार्वती शर्मा गृहणी हैं।
दिव्या तनवर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के निम्बी गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने नवोदय विद्यालय से अपनी स्कूली शिक्षा हासिल की है। इसके बाद महेंद्रगढ़ जिले के सरकारी महिला महाविद्यालय से बीएससी की डिग्री हासिल की है। दिव्या के पिता की काफी पहले मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद उनकी मां ने ही उनका भरण पोषण किया। आर्थिक चुनौतियों का सामना करने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और यूपीएससी की तैयारी शुरू की।