
Sunita Williams Space Experiences: भारतीय मूल की दिग्गज अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा से रिटायरमेंट के बाद पहली बार अपने स्पेस एक्सपीरियंस पर खुलकर बात की है। राज शमानी के पॉडकास्ट में शामिल हुईं सुनीता ने बताया कि 608 दिन स्पेस में बिताने के दौरान उन्होंने ऐसी कई चीजें देखीं और महसूस की हैं, जो किसी को भी हैरान कर सकती हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने पृथ्वी से परे अपने जीवन के बारे में खुलकर अपनी बात रखी।
पॉडकास्ट के दौरान जब सुनीता से उनके सबसे अनोखे अनुभवों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दो खास बातों का जिक्र किया। पहली चीज थी पृथ्वी के चारों ओर मौजूद हजारों सैटेलाइट्स का जाल। उन्होंने कहा कि, इतनी बड़ी संख्या में सैटेलाइट्स को एक साथ देखकर यह पता चलता है कि इंसानों ने अंतरिक्ष में कितनी पहुंच बना ली है। दूसरी चीज थी अंतरिक्ष से बिजली कड़कते देखना। उन्होंने बताया कि बादलों के ऊपर नीले रंग की जेट और लाल रंग की बिजली की रोशनी को निकलते देखना किसी जादू जैसा था। इन अद्भुत नजारों को उनके साथी एस्ट्रोनॉट्स ने अपने कैमरों में कैद किया था।
अंतरिक्ष में जीवन यानी एलियंस के सवाल पर सुनीता विलियम्स ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि, ब्रह्मांड में हम अकेले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि, अरबों तारों और ग्रहों के बीच पृथ्वी सिर्फ एक छोटा सा हिस्सा है। इसलिए यह पूरी तरह मुमकिन है कि, कहीं और भी जीवन मौजूद हो। सुनीत विलियम्स ने आगे कहा कि, हम जानते हैं कि चांद और मंगल ग्रह पर अगर कोई के लिक्विड सब्सटेंस हैं, तो वहां जीवन की कल्पना की जा सकती है। मुझे ऐसा लगता है कि, मंगल ग्रह पर जीवन हो सकता है।
मिडिया से बात करते हुए सुनीता विलियम्स ने जाहिर किया था कि, वे नासा के 'आर्टेमिस मिशन' को लेकर काफी एक्साइटेड हैं, क्योंकि इसके जरिए इंसान एक बार फिर चांद पर कदम रखेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे खुद चांद पर जाना चाहती हैं, तो उन्होंने हंसते हुए कहा कि मुझे चांद पर जाना तो बहुत पसंद है, लेकिन अगर मैं गई तो मेरे पति मुझे मार डालेंगे। उन्होंने साफ किया कि, अब घर लौटने और नए युवाओं को मशाल सौंपने का समय आ गया है।
अपनी भारतीय विरासत के बारे में बात करते हुए सुनीता ने पुरानी यादें ताजा कीं। उन्होंने बताया कि वे अपने मिशन के दौरान अपने साथ भगवान गणेश की मूर्ति, भगवद गीता और खाने में समोसे लेकर गई थीं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह दिन दूर नहीं जब कोई चांद पर भी बैठकर समोसे खाएगा। भगवान गणेश के बारे में उन्होंने कहा कि बप्पा का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा और उन्हें देखकर हमेशा उन्हें अपने पिता की याद आती है।