हम जो भी शब्द आज बोलते हैं, उनमें प्राचीन सभ्यताओं, प्रवासों और पुरानी भाषाओं की झलक छिपी होती है। कुछ शब्द ऐसे हैं जिसे हम कई दशकों या सदियों से बोलते आ रहे हैं।
भाषा अपनी बातों और विचारों को व्यक्त करने का एक माध्यम है। साथ ही भाषा सभ्यताओं और संस्कृति को भी दर्शाने का एक जरिया है। हम जो भी शब्द आज बोलते हैं, उनमें प्राचीन सभ्यताओं, प्रवासों और पुरानी भाषाओं की झलक छिपी होती है। कुछ शब्द ऐसे हैं जिसे हम कई दशकों या सदियों से बोलते आ रहे हैं। लेकिन क्या हम उन शब्दों के इतिहास के बारे में जानते हैं? चाहे वो शब्द अंग्रेजी के हो या किसी औरत भाषा के। आइये ऐसे ही पांच सबसे पुराने अंग्रेजी शब्दों के बारे में जानते हैं।
कोई भी बच्चा शायद सबसे पहले कोई शब्द बोलता है तो 'मां' है। 'मां(Mother)' शब्द की जड़ें करीब 15,000 साल पुरानी Proto-Indo-European भाषा के शब्द ‘mhtr’ में मिलती हैं। संस्कृत के ‘मातृ’, Latin के ‘mater’ और अंग्रेजी के ‘mother’, ये सभी एक ही मूल से निकले हैं। यह शब्द सिर्फ एक रिश्ते का नहीं, बल्कि युगों से चले आ रहे मानव प्रेम और संवेदना का प्रतीक है।
‘Man’ शब्द Old English के ‘mann’ से बना है, जिसका अर्थ था “व्यक्ति” या “मानव”। शुरू में यह शब्द लिंग-निरपेक्ष था, बाद में यह विशेष रूप से पुरुष के लिए प्रयोग होने लगा। MAN शब्द की यात्रा यह दिखाती है कि समाज के बदलने के साथ भाषा भी बदलती है, लेकिन अपने मूल अर्थ को लंबे समय तक संजोए रखती है।
‘Black’ शब्द की उत्पत्ति Old English के ‘blæc’ से हुई है, जिसका अर्थ था “गहरा” या “स्याही जैसा”। यह शब्द हजारों वर्षों से प्रचलन में है। इसका अर्थ केवल एक रंग नहीं, बल्कि अंधकार, रहस्य और अज्ञात का प्रतीक भी बन गया। दिलचस्प बात यह है कि इसके शुरुआती रूपों का संबंध कभी “चमक” या “जलने” से जुड़ा था। यानी समय के साथ अर्थ भी दिशा बदलते गए।
‘Fire’ शब्द पुरानी अंग्रेजी के ‘fyr’ से आया है, जिसका अर्थ वही है जो आज भी है, आग। इसकी जड़ 'Proto-Indo-European' शब्द ‘phwr’ में मिलती है, जिससे ग्रीक शब्द ‘pyr’ (जैसे pyre या pyrotechnics) बना। यह शब्द हमें उन दिनों की याद दिलाता है जब हमारे पूर्वज आग के चारों ओर बैठकर गर्मी और सुरक्षा पाते थे, और सभ्यता की शुरुआत हुई थी।
‘Hear’ शब्द Old English के ‘hieran’ से निकला है, जिसकी जड़ Proto-Germanic शब्द ‘hauzjan’ में पाई जाती है। सुनना हमेशा से मानव संचार का सबसे अहम हिस्सा रहा है। इस शब्द की निरंतरता यह दिखाती है कि संवेदना और श्रवण हमारे संवाद की नींव रहे हैं।