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यहां अपने आप खिसकते हैं पत्थर, भूगोल शास्त्री भी नहीं बता पा रहे कारण

अमरीका के कैलिफोर्निया के रेगिस्तान में अपने आप खिसकते हैं पत्थर, भूगोल शास्त्री भी हैरान

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Jun 17, 2018
यहां अपने आप खिसकते हैं पत्थर, भूगोल शास्त्री भी नहीं बता पा रहे कारण

आज भले ही भूगोल विषय के लोगों ने एक से बढ़कर खोज और रिसर्च करते हुए भूमि और इस पर पायी जाने वाली चीजों के बारे में कई पहलुओं को सुलझा लिया है, लेकिन इस दुनिया में एक चीज आज भी भूगोल शास्त्रीयों के लिए अबूझ पहेली बनी हुई है। यह पहेली है अमरीका के कैलिफोर्निया राज्य में स्थित डेथ वैली के मरूस्थल के पत्थर। रेगिस्तान की रेत में अपने आप खिसकने वाले इन पत्थरों को लेकर दुनियाभर के भूगोल शास्त्री कई सालों से सिर खफा रहे हैं लेकिन उनके अपने खिसकने का कारण पता नहीं कर पा रहे।


Sliding Stones नाम से मशहूर
पूर्वी कैलिफोर्निया के रेगिस्तान में स्थित डेथ वैली में का तापमान सबसे ज्यादा रहता है। इसी वजह से यह उत्तरी अमरीका का सबसे गर्म और सूखा स्थान भी है। यहां से पर सबसे ज्यादा चौंकाने वाली चीज अपने-आप खिसकने वाले पत्थर हैं। ये पत्थर बिना किसी की मदद यानी अपने आप खिसक कर एक स्थान से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं। अपने आप खिसकने वाले इन पत्थरों को 'Sliding Stones' के नाम से जाना जाता है।


वैज्ञानिकों को के लिए Sliding Stones बने पहेली
अपने आप खिसकने वाले Sliding Stones वैज्ञानिकों के लिए अभी तक भी एक अबूझ पहेली बने हुए हैं। यहां के रेसट्रैक क्षेत्र में 320 किलोग्राम तक के पत्थरों को एक जगह से दूसरी जगह जाते हुए देखा जा सकता है। यह रेसट्रैक 2.5 मील उत्तर से दक्षिण और 1.25 मील पूरब से पश्चिम तक बिल्कुल समतल है। यहां पर मौजूद पत्थर अपने आप खिसकते हैं। वैज्ञानिकों की टीम ने इन पत्थरों पर लगातार 7 साल तक अध्ययन भी किया लेकिन वो भी इसके पीछे का कारण नहीं जान सके। इन पत्थरों में एक केरीन नाम का पत्थर लगभग 317 किलोग्राम वजनी है जो अध्ययन के दौरान तो बिल्कुल भी नहीं हिला, लेकिन कुछ साल बाद वैज्ञानिक वापस लौटे तो उन्हें यह पत्थर अपनी जगह से 1 किलोमीटर दूर मिला।


खिसकने वाले पत्थर आज भी रहस्य
वैज्ञानिक अब तक भी इन पत्थरों के खिसकने का कारण नहीं बता पाए हैं। वहीं, इन पत्थरों के किसी इंसान या जानवर के जरिए भी घसीटने के सबूत नजर नहीं आते क्योंकि यहां की मिट्टी पर किसी तरह के निशान साफ—साफ दिखाई देते हैं। ऐसे में सिर्फ संभावना के आधार पर कहा गया है कि इन पत्थरों के खिसकने का करण भौगोलिक बदलाव या तूफानी हवा हो सकती है।

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Published on:
17 Jun 2018 04:32 pm
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