वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) के ११वें दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र तो छपकर आ गए, लेकिन छात्रों को बांटे जाने वाली उपाधियां अब तक नहीं छप सकी है।
वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू) के ११वें दीक्षांत समारोह के निमंत्रण पत्र तो छपकर आ गए, लेकिन छात्रों को बांटे जाने वाली उपाधियां अब तक नहीं छप सकी है। ठेका फर्म ने पांच बार डिग्रियों के नमूने विवि को भेजे, लेकिन एक बार भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। आनन-फानन में विवि प्रशासन ने पहला टेंडर रद्द कर दूसरी फर्म को काम सौंपा है। वीएमओयू ने १० फरवरी को करीब २७ हजार डिग्री, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट छापने के लिए ३.५० लाख रुपए का टेंडर निकाला था। करीब एक पखवाड़े बाद टेंडर खुलने पर दिल्ली की फर्म डीआईपीएस टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड की बिड सबसे कम आई और उसे छपाई की जिम्मेदारी सौंप दी गई। इस फर्म ने छह महीने में ४ बार विवि प्रशासन को डिग्रियों के नमूने भेजे, लेकिन छपाई में बार-बार खामियां आने के कारण परीक्षा नियंत्रक की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने इन्हें खारिज कर दिया।
पुरानी फर्म की दर पर छापेगी नई फर्म
इधर, राजभवन ने २४ अगस्त को दीक्षांत समारोह की तारीख घोषित कर दी, लेकिन तब तक उपाधियों की छपाई का काम पूरा न होने के कारण हडक़ंप मच गया। आनन-फानन में हाईपावर कमेटी की बैठक बुलाई गई। इसमें इस फर्म को आखिरी मौका देने का फैसला हुआ। डीआईपीएस टेक्नोलॉजी ने एक सप्ताह पहले ७० डिग्रियां भेजीं, लेकिन यह भी मानकों पर खरी नहीं उतरी। आखिर, विवि ने टेंडर रद्द कर दूसरे स्थान पर रही फर्म को काम सौंपा। बड़ी बात यह कि नई फर्म भी पुरानी फर्म की दरों पर ही काम पूरा करेगी।
२० तक आ जाएंगी डिग्रियां
वीएमओयू ने नई फर्म को निर्देश दिए हैं कि वह २५ सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह में दी जाने वाली ७० डिग्रियां तैयार कर दे। इसके बाद २० सितंबर तक सभी २१,३२२ डिग्रियां दे दे।
डीआईपीएस टेक्नोलॉजी ने टेंडर शर्तों के अनुसार काम नहीं किया। आखिर में टेंडर निरस्त कर सैकंड लोएस्ट प्राइस पर रहे बिडर को कार्यादेश जारी कर दिया है। -प्रो. अशोक शर्मा, कुलपति, वीएमओयू