शैक्षणिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों मानना है कि देश की शिक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करने में वाई-फाई कारगर साबित हो सकती है
शैक्षणिक और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों मानना है कि देश की शिक्षा प्रणाली को मजबूती प्रदान करने में वाई-फाई कारगर साबित हो सकती है और इससे ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच अंतर दूर होगा। विश्व वाई-फाई दिवस के मौके पर ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी कंपनी मार्काटेल के संस्थापक नारायण राजगोपालन ने कहा कि डिजीटलीकरण देश में वक्त की जरूरत है और इससे ग्रामीण व अर्ध शहरी क्षेत्र के युवाओं का सशक्तीकरण होगा।
विश्व वाई-फाई दिवस 20 जून को मनाया जाता है। इस मौके पर मार्काटेल और डेनमार्क की वाई-फाई कंपनी ब्लूटाउन के सहयोग से शारदा यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम का अयोजन किया गया। कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. परमानंद ने कहा, मार्काटेल और ब्लूटाउन जैसी कंपनियों की ओर से छोटे शहरों और गांवों में किए जा रहे डिजीटलीकरण का कार्य काफी प्रशंसनीय है। गांवों के युवा काफी समय से अच्छी नौकरी और शिक्षा से वंचित रहे हैं। मेरा मानना है कि पब्लिक वाई-फाई हॉटस्पॉट से उन्हें सूचनाएं मिलना संभव होगा और इससे वे आत्मनिर्भर बन पाएंगे।"
ब्लूटाउन के कंट्री एमडी सत्या एन गुप्ता ने कहा, ब्लूटाउन देश के ग्रामीण इलाकों में गरीबों, वंचितों और पिछड़ों तक कम लागत में वाई-फाई सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इस दिशा में हमने राजस्थान, बिहार और झारखंड जैसे प्रदेशों में काम किए हैं।"
परीक्षा के दौरान नकल को रोकने के लिए यहां पर किए जा रहे अनोखें प्रयोग
परीक्षा में नकल रोकने स्कूले किस—किस तरह के हथकंडे अपनाते है इसका ताजा उदाहरण अल्जीरिया में देखनें को मिला। अल्जीरिया ने नकल से निपटने के लिए हाई स्कूल की परीक्षाओं के दौरान देश भर में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगा दिया है, जो 25 जून तक जारी रहेगा। 'बीबीसी' की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट सेवा की मोबाइल और फिक्स्ड लाइन दोनों बंद कर दी गई हैं। किसी भी तरह से नकल को रोकने के लिए प्रत्येक हाईस्कूल डिप्लोमा परीक्षा शुरू होने से एक घंटे पहले इंटरनेट बंद हो जाएगा।