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UP Assembly Elections 2022 : लाल और हरी टोपी का सैलाब देख भाजपा की उड़ी नींद, अखिलेश—जयंत बन न जाए सत्ता की राह का रोड़ा

SP-RLD rally in Meerut : मेरठ के रोहटा ब्लाक के दबथुवा गांव में सपा रालोद की परिवर्तन संदेश रैली में उमड़ा जन सैलाब और दूर तक दिख रही हरी—लाल टोपी का रैला भाजपा को यह जताने के लिए काफी था कि अब भी समय है संभल जाओ। आने वाले दिनों में युवा नेतृत्व की ये जोड़ी सरकार और भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत है। रैली में उमड़े जनसैलाब के की काट के लिए भाजपा नेतृत्व नया दांव खेलने की तैयारी में जुट गया है।

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Dec 08, 2021
UP Assembly Elections 2022 : अखिलेश और जयंत की जोड़ी भाजपा के बनी मुसीबत, रैली में उमड़े जनसैलाब की काट में जुटे भाजपाई,UP Assembly Elections 2022 : अखिलेश और जयंत की जोड़ी भाजपा के बनी मुसीबत, रैली में उमड़े जनसैलाब की काट में जुटे भाजपाई,UP Assembly Elections 2022 : अखिलेश और जयंत की जोड़ी भाजपा के बनी मुसीबत, रैली में उमड़े जनसैलाब की काट में जुटे भाजपाई

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ . SP-RLD rally in Meerut : रोहटा रोड स्थित दबथुवा गांव में सपा रालोद की संयुक्त परिवर्तन रैली में जबरदस्त जनसैलाब के बीच भीड़ के सभी पुराने रिकार्ड टूटते दिखे। विधानसभा चुनावों के आगाज से पूर्व दोनों दलों की इस पहली संयुक्त रैली को सफल बनाने के लिए सपा और रालोद दोनों दलों के नेताओं ने बीते कई दिनों से पूरी ताकत झोंक रखी थी। रैली में जुटी भारी भीड़ के बीच यह मेहनत सफल भी होती दिखी जब रैली स्थल खचाखच भर गया और बाहर सड़कों पर भी दोनों तरफ कई किलोमीटर तक लाल हरी टोपी लगाए चेहरे दूर तक नजर आते रहे।


लिटमस टेस्ट मानी जा रही रैली
बता दें की राष्ट्रीय लोकदल और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन के बाद हुई यह पहली रैली दोनों दलों का लिटमस टेस्ट मानी जा रही थी। जिसमें दोनों ही दल अव्वल नंबर से पास होते दिखे। दबथुवा गांव के बाहर नेशनल हाइवे पर स्थित मैदान में हुई इस रैली में दो लाख से ज्यादा लोगों ने शिरकत की। रैली को लेकर युवाओं में भी जबरदस्त उत्साह रहा। आलम ये रहा कि सड़क के दोनों और कई कई किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी थी। इसके चलते हाइवे जाम हो गया। पुलिस ने बड़ी मशक्कत कर एक तरफ का हाइवे खुलवाकर किसी तरह ट्रैफिक को सुचारू किया।


रैली को लेकर कई दिनों से शीर्ष नेताओं ने डाला था मेरठ में डेरा
रैली को लेकर बीते कई दिनों से दोनों ही दलों के शीर्ष नेता मेरठ में ही डेरा डाले हुए थे। समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल जहां दो दिनों से मेरठ ही रैली की रूपरेखा तैयार कर रहे थे वहीं रालोद के प्रदेश अध्यक्ष डा मसूद अहमद भी रैली की सफलता को लेकर लगातार पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ मंथन में जुटे थे। इसका ही नतीजा था कि मंगवालर को अखिलेश और जयंत चौधरी के पहुंचने से पहले ही मैदान खचाखच भर गया था। रैली में वेस्ट यूपी के लगभग सभी जिलों से दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने शिरकत की। वहीं टिकट के दावेदारों ने भी चेहरा दिखाने की कवायद में जमकर जोर आजमाइश की। रैली में जबरदस्त भीड़ को देख पार्टी नेताओं के चेहरे भी खिले नजर आए।

रैली में भीड़ देख उत्साहित हुए दोनों युवा नेता
रालोद सुप्रीमो चौधरी जयंत सिंह तो यहां तक कह बैठे कि मैने अपने जीवन में इतना जनसैलाब नहीं देखा। वहीं सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने यह कहकर लोगों का उत्साह बढ़ाया कि ये मेरठ की धरती है क्रांति की धरती है यहां हमेशा ही ऐसी क्रांति होती रही। यहां के लोगों का कोई मुकाबला नहीं। खास बात ये रही कि रैली के दौरान ही बसपा प्रमुख मायावती के भांजे प्रबुद्ध कुमार ने भी रालोद का दामन थाम कर सियासी ताप को और बढ़ा दिया। इसे भी वेस्ट यूपी में रालोद की बढ़ती ताकत के रूप में देखा जा रहा है। बहरहाल सपा रालोद की इस रैली के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में चुनावी बिगुल बज गया है। जिसमें पहली बाजी सपा रालोद के खाते में ही जाती दिख रही है। आगे देखना होगा कि सपा रालोद की इस रैली की काट में सत्तारूढ़ भाजपा क्या दांव खेलती है।

Updated on:
08 Dec 2021 12:35 pm
Published on:
08 Dec 2021 12:22 pm
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