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कांग्रेस में घमासानः टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस में अंदरूनी कलह पर लग सकता है विराम, बदल सकते हैं प्रत्याशी

UP Assembly Election 2022: कांग्रेस प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही जिस तरह से वाराणसी कांग्रेस का अंदरूनी कलह सतह पर आया उसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इस पर पुनर्विचार किया है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को कुछ प्रत्याशी बदले जा सकते हैं। खास तौर से शहर दक्षिणी सीट पर ज्यादा विरोध है। चर्चा ये भी है कि शहर दक्षिणी से जिस मुदिता कपूर को टिकट दिया गया है वो खुद ही टिकट वापस कर दें।
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Feb 11, 2022
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congress नेताजी की जुबां पर आ ही गया दिल का दर्द,congress नेताजी की जुबां पर आ ही गया दिल का दर्द,

वाराणसी. UP Assembly Election 2022 के लिए कांग्रेस कहने को तो एकला चलो की राह पर है। पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव व यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा का इस चुनाव को लेकर आधी आबादी पर ज्यादा ही फोकस है। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की आठ में से चार सीटों पर महिला प्रत्याशी उतारा गया। लेकिन प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही वाराणसी कांग्रेस में घमासान मच गया। यूं तो विरोध वाराणसी की उन सभी छह सीटों पर है जिनके लिए गुरुवार को प्रत्याशियों की सूची जारी हुई थी। लेकिन शहर दक्षिणी और कैंट विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी को लेकर कुछ ज्यादा ही है। कैट विधानसभा सीट की प्रबल दावेदार रामनगर पालिका परिषद की चेयरमैन रेखा शर्मा ने तो हजारों समर्थकों संग पार्टी छोड़ने तक का ऐलान कर दिया है। उधर शहर दक्षिणी प्रत्याशी मुदिता कपूर को लेकर दावेदारों के साथ ही समर्थकों में भी जबरदस्त आक्रोश है। बताया ये जा रहा है कि इस विरोध को समय रहते शांत करने की कवायद नेतृत्व ने शुरू कर दी है। कयास इस बात के भी लगाए जा रहे हैं कि शुक्रवार दोपहर बाद तक कुछ प्रत्याशी बदले भी जा सकते हैं।

बता दें कि प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही गुरुवार को वाराणसी कांग्रेस का अंदरूनी कलह सतह पर आ गया। हालांकि रेखा शर्मा को छोड़ कर ज्यादातर दावेदार खुद सामने नहीं आए पर उनके समर्थकों ने सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक पर पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल खड़ा कर दिया। ऐसे में आनन-फानन में ये सारी रिपोर्ट हाईकमान तक भेजी गई। अब कहा जा रहा है कि नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया है।

इस बीच शहर दक्षिणी की प्रत्याशी मुदिता कपूर को लेकर पार्टी नेताओं की ओर से ये प्रचारित किया जा रहा है मुदिका की पृष्ठभूमि बीजेपी से जुड़ी है। कांग्रेस रिसर्च सेल के चेयरमैन गौरव कपूर का परिवार बीजेपी के एक बड़े चेहरे का रिश्तेदार है। ऐसे में वो एक बीजेपी से जुड़े परिवार को पार्टी नेतृत्व भला कैसे टिकट दे सकता है। कहा तो ये भी जा रहा है कि कपूर परिवार और उनके नाते-रिश्तेदार भी इसके लिए तैयार नहीं हैं। वो लोग भी दोपहर बाद मुदिता के चुनाव लड़ने या न नाम वापस लेने के मसले पर विचार कर कोई बड़ी घोषणा कर सकते हैं।

बता दें कि शहर दक्षिणी वाराणसी की हॉट शीट मानी जा रही है। ये वही सीट है जहां विगत तीन दशक से बीजेपी का कब्जा है। वर्तमान में प्रदेश के मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी बीजेपी के प्रत्याशी हैं जबकि समाजवादी पार्टी ने महामृत्युंजय मंदिर के महंत परिवार से किशन दीक्षत को मैदान में उतारा है। इस विधानसभा क्षेत्र में मुस्लिम आबादी सबसे ज्यादा है। बंगाली और ब्राह्मण मतदाताओ की तादाद भी ठीक-ठाक है। ऐसे में कांग्रेस के टिकट दावेदारद और उनके समर्थकों का तर्क है कि जिस सीट से पार्टी लगातार कई चुनावों से दूसरे नंबर पर आ रही है वहां एक डमी कैडिडेट उतारने का क्या मकसद हो सकता है? यहां ये भी बता दें कि पिछली बार 2017 के चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर पूर्व सांसद डॉ राजेश मिश्र शहर दक्षिणी से चुनाव लड़े थे और कांटे की टक्कर में महज 17 हजार वोट से पराजित हुए थे। उससे पहले कांग्रेस के टिकट पर डॉ दयाशंकर मिश्र दयालू, बीजेपी प्रत्याशी श्यमादेव राय चौधरी 'दादा' के विरुद्ध लगातार दूसरे नंबर पर रहे। लेकिन राजेश मिश्र को कैंट विधानसभा क्षेत्र से टिकट मिलने के बाद शहर दक्षिणी और कैंट दोनों ही विधासभा क्षेत्र में विरोध के स्वर उठने लगे हैं।

वहीं शहर उत्तरी से एक मुस्लिम गुलराना तबस्सुम को टिकट मिलने पर उत्तरी के दावेदार भी पार्टी नेतृत्व के फैसले से नाराज हैं। एक दावेदार शैलेंद्र सिंह जो वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पिंडरा सीट से प्रत्याशी अजय राय के करीबी भी माने जाते हैं ने सोशल मीडिया से अपने नाम के साथ जुड़ी कांग्रेस पहचान हटा ली है।

अब सभी कांग्रेसियों सहित राजनीतिक पंडितों की भी निगाह कांग्रेस नेतृत्व यानी प्रियंका गांधी वाड्रा पर टिकी हैं। क्या वो प्रत्याशी बदलेंगी अगर ऐसा होता है तो सवाल ये भी है कि क्या सिर्फ शहर दक्षिणी की प्रत्याशी ही बदली जाएंगी या कैंट व उत्तरी विधानसभा के उम्मीदवारों में भी कोई बदलाव होता है।

Updated on:
11 Feb 2022 11:30 am
Published on:
11 Feb 2022 11:30 am