तृणमूल कांग्रेस की कृष्णानगर सीट से प्रत्याशी कौशानी मुखर्जी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिससे वह विवादों में आ गई है। हालांकि, कौशानी ने वायरल वीडियो को गलत बताते हुए इस पर अपनी सफाई भी पेश की है।
नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections 2021) के दो चरण पूरे हो चुके हैं। इन दोनों ही चरणों में लोगों ने जमकर वोटिंग की है। चुनाव आयोग से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत तमाम बड़ी शख्सियतें लोगों से वोट देने की अपील कर रही हैं। वहीं, बंगाली फिल्मों की अभिनेत्री और तृणमृल कांग्रेस की प्रत्याशी कौशानी मुखर्जी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कथित रूप से लोगों से कहा कि घर पर मां, बहन हैं तो वोट देने से पहले कृपया एक बार सोच लें। हालांकि, कौशानी ने इस वीडियो को लेकर अपनी सफाई भी दे दी है और कहा कि बयान को तोड़-मरोडक़र पेश किया गया है।
बंगाली फिल्मों में काम करने वाली कौशानी मुखर्जी करीब दो महीने पहले ही तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुई हैं। पार्टी ने उन्हें कृष्णानगर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया है। वोट नहीं देने की अपील करने वाले कथित वीडियो के वायरल होने के बाद से कौशानी विवादों में आ गई हैं। इस वीडियो में वह कहती नजर आ रही हैं कि घर पर मां, बहन हैं तो वोट देने से पहले कृपया एक बार सोच लें।
बयान के एक हिस्से को सामने रखा गया
वीडियो वायरल होने के बाद कौशानी मुखर्जी ने दावा किया कि यह भाजपा आईटी सेल की हरकत है। आईटी सेल ने बयान का एक हिस्सा ही सामने रखा और इसे अलग रंग दे दिया। कौशानी ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा, मैंने इस तथ्य को सामने रखा था कि बंगाल महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान है। यह राज्य भाजपा शासन वाले उत्तर प्रदेश की तरह नहीं है, जहां हाथरस कांड हुआ। भाजपा के आईटी सेल ने ओछी राजनीति के लिए इस वीडियो को काट-छांटकर पेश किया।
फेसबुक पर पोस्ट किया वीडियो
विवाद बढऩे के बाद कौशानी मुखर्जी ने एक प्रचार से जुड़ा एक वीडियो अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किया और उसे अपना मूल वीडियो बताया। इसमें वह अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करती दिख रही हैं और लोगों से कह रही हैं कि आपके घर पर मां-बहन हैं तो भााजपा को वोट करने से पहले दो बार सोच लीजिए। अपने फेसबुक पेज पर पोस्ट किए गए वीडियो में वह यह कहती नजर भी आ रही हैं कि दीदी के बंगाल में महिलाएं सुरक्षित हैं। अगर आप चाहते हैं कि भाजपा शासित उत्तर प्रदेश के हाथरस जैसी घटना बंगाल में नहीं हो तो भाजपा को वोट नहीं दें।