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West Bengal Assembly Elections 2021: दिलीप घोष ने दिए संकेत, भाजपा में कौन होगा सीएम पद का चेहरा

बंगाल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और मिदनापुर से सांसद दिलीप घोष ने कहा कि सरकार बनाने की दशा में यह जरूरी नहीं कि नवनिर्वाचित विधायकों में से ही कोई मुख्यमंत्री बनेगा।  
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Ashutosh Pathak

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Updated: 31 Mar 2021, 11:58 AM IST

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नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections 2021) में इस बार सीधी लड़ाई तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच दिखाई दे रही है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से सीएम पद के लिए ममता बनर्जी के नाम का ऐलान हो चुका है, जबकि भाजपा ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। ऐसे में विपक्षी दल शुरू से सवाल उठा रहे हैं कि भाजपा सीएम पद का चेहरा चुनाव से पहले घोषित क्यों नहीं कर रही।

वहीं, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने अपनी ओर से संकेत दे दिया है कि राज्य में सीएम पद का चेहरा कौन हो सकता है। दिलीप घोष की बातों से यह माना जा रहा है कि भाजपा ने संभवत: इस पर फैसला कर लिया है कि राज्य में बहुमत हासिल होने पर सरकार बनाने के लिए पार्टी मुख्यमंत्री किसे बनाएगी।

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बता दें कि राज्य में आठ चरणों में चुनाव होना है। पहले चरण की वोटिंग 27 मार्च को हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण के लिए कल यानी एक अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। आठवे चरण का मतदान 20 अप्रैल को होगा, जबकि परिणाम 2 मई को जारी किए जाएंगे।

कौन होगा बंगाल का मुख्यमंत्री
बंगाल में मिदनापुर से भाजपा सांसद दिलीप घोष की मानें तो पार्टी के पक्ष में मजबूत लहर है। उन्होंने विश्वास जताया कि बंगाल में अगली सरकार भाजपा की बनने जा रही है। दिलीप घोष ने कहा कि ऐसी स्थिति में जरूरी नहीं कि नवनिर्वाचित विधायक ही बंगाल का मुख्यमंत्र बने। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के पक्ष में पैदा हुई मजबूत लहर विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण यानी 29 अप्रैल तक रहेगी।

भाजपा को जीत की पूरी उम्मीद
दिलीप घोष ने कहा कि पहले चरण के मतदान के बाद केवल भाजपा ही अपनी जीत को लेकर पूर्ण रूप से आश्वस्त है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस के नेता निराश हैं। जैसे-जैसे चुनाव आगे बढ़ेगा, दूसरे-तीसरे और चौथे चरण और इससे आगे की वोटिंग होगी यह लहर और अधिक मजबूत होती जाएगी, जबकि तृणमूल कांग्रेस के लोगों को यह अहसास होता जाएगा कि उनकी हार सुनिश्चित है।

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तीन लोकसभा और एक राज्यसभा सांसद भी प्रत्याशी
बता दें कि पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो समेत लोकसभा के तीन सांसद और राज्यसभा के एक सांसद को भी अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, दिलीप घोष का नाम इसमें शामिल नहीं है और वह कहीं से भी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार सरकार बनाने की दशा में दिलीप घोष सीएम पद के लिए मजबूत दावेदार हो सकता हैं।