पश्चिमी यूपी में जीत के लिए हर कोशिश में जुटी बीजेपी ने अब ध्रुवीकरण का ब्रह्मास्त्र निकाला है। ध्रुवीकरण की कोशिश में सीएम योगी ने एक बाद एक कई ट्वीट किये। जिसमें पश्चिमी यूपी के दंगों समेत रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाने वालों तक का ज़िक्र किया। वहीं इस ध्रुवीकरण की कोशिश में मुजफ्फरनगर दंगों के घाव भी हरे किये जा रहे हैं।

UP Assembly Elections 2022: यूपी में पहले चरण के मतदान में अब सिर्फ 11 दिन बचे हैं। इस बीच पश्चिमी यूपी में चुनावी फिजां बदल गयी है। पहले और दूसरे चरण के मतदान के लिए भाजपा ने ध्रुवीकरण का मुद्दा बना दिया है। सपा-रालोद को घेरने के लिए पाकिस्तान और जिन्ना के मुद्दे उछाले जा रहे हैं। लाल टोपी और लाल पोटली के बाद थूक जैसे शब्दों की इंट्री भी हो गयी है। मुजफ्फरनगर दंगों के घाव हरे किए जा रहे हैं तो कैराना के पलायन मुद्दे को भी जिंदा करने की कोशिशें जारी हैं। ध्रुवीकरण की कोशिश में सीएम योगी ने एक बाद एक कई ट्वीट किये। जिसमें पश्चिमी यूपी के दंगों समेत रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाने वालों तक का ज़िक्र किया। विपक्ष के पास किसान और जाट-गुर्जर एकता को बनाए रखने में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
अखिलेश पर योगी का वार
अखिलेश यादव के जिन्ना और पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान उनके ही गले की फांस बन गए हैं। पश्चिमी यूपी में जीत के लिए बीजेपी ने ध्रुवीकरण के ब्रह्मास्त्र को निकाला है। सीएम योगी ने ट्वीट किया , "वे 'जिन्ना' के उपासक हैं, हम 'सरदार पटेल' के पुजारी। उन्हें पाकिस्तान प्यारा, हम मां भारती पर जान न्योछावर करते हैं।"
कैराना मुद्दे को जिंदा करने की कोशिश
दो दिन पहले अमित शाह कैराना में थे। उन्होंने उन हिन्दू परिवारों से मुलाकात की जो दंगों के बाद कैराना से पलायन कर गये थे। लेकिन 2017 में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद वापस लौट चुके हैं।
हमारा आपका 650 साल पुराना नाता: अमितशाह
ध्रुवीकरण की कोशिश में मुजफ्फरनगर दंगों के घाव भी हरे किये जा रहे हैं। शनिवार को अमित शाह मुजफ्फरनगर में घर-घर संपर्क अभियान में मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र किया। वे बोले-आज भी दंगों की पीड़ा को भूल नहीं पाया हूं। उन्होनें जाट समुदाय को संबोधित करते हुए कहा हमारा आपका नाता 650 साल पुराना है। आप भी मुग़लों से लड़े हम भी लड़ रहे हैं।
हममें और उनमें यह फर्क-योगी आदित्यनाथ
-मेरठ, जो 5 वर्ष पूर्व मजहबी दंगों की आग में झुलसता था। आज यहां समृद्धि के नए मानक स्थापित हो रहे हैं।
-वे थे तो राम भक्तों पर गोलियां चलीं, हम हैं तो श्री रामलला विराजमान का स्वप्न साकार हुआ। 'दीपोत्सव', 'रंगोत्सव' यूपी की पहचान बने।
लाल टोपी मासूम रामभक्तों के खून से रंगी हुई
योगी आदित्यनाथ ने बागपत में कहा मुजफ्फरनगर दंगों में 60 से ज्यादा हिंदू मारे गए। यही सपा की पहचान है। उनकी टोपी रामभक्तों के खून से रंगी है।
उधर, जाट और मुसलमान के भरोसे सपा-रालोद
पश्चिमी यूपी में जाट-गुर्जर और मुसलमानों के चुनावी मैदान में सपा और रालोद हैं। यहां किसानों में जाट और मुसलमानों की संख्या ज्यादा है। पश्चिमी यूपी में जाट यदि 18 से 20 फीसदी हैं तो मुस्लिमों की आबादी भी 30 से 32 फीसदी के करीब है। करीब 24 सीटें ऐसी हैं जहां जाट और मुस्लिम की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा है। बीजेपी इसी जाट और मुसलमान के गठजोड़ पर ध्रुवीकरण का अस्त्र चला रही है। तो सपा इस वोट बैंक को बिखरने से बचाने में जुटी है।
सलमान खुर्शीद का आरोप थूक लगे पर्चे बांटे जा रहे
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद से आरोप लगाया है कि कोरोना के बीच भाजपा नेता जो पर्चे बांट रहे हैं उन्हें थूक लगाकर अलग किया जा रहा है। अमित शाह की घर-घर संपर्क यात्रा का हवाला देते हुए उन्होंने यह आरोप लगाया।