उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के परिणाम के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गेम चेंजर की भूमिका निभाते हुए बड़ा खेल खेला है। अखिलेश यादव अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दे सकते हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के परिणाम के बाद यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने गेम चेंजर की भूमिका निभाते हुए बड़ा खेल खेला है। अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल सिंह यादव (Shivpal Singh Yadav) को बड़ी जिम्मेदारी सौंपने की चर्चा है। अखिलेश ने सपा के टिकट पर इटावा के जसवंतनगर से विधायक निर्वाचित हुए प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के अध्यक्ष शिवपाल को नेता प्रतिपक्ष बनाने की कवायद तेज है। शिवपाल को सपा विधायक दल का नेता घोषित किया गया है।
21 मार्च को विधायकों की बैठक
पहले यह पद राम गोविंद चौधरी के पास था, लेकिन बलिया के बांसडीह से चुनाव हारने के बाद वह इस दौड़ से बाहर हो गए हैं। 21 मार्च को राजधानी लखनऊ में अखिलेश यादव ने विधायकों की बैठक बुलाई है। यहां पर अखिलेश सुबह 11 बजे उनसे भेंट करेंगे।
इस्तीफा देंगे अखिलेश
सपा अध्यक्ष अखिलेश ने मैनपुरी के करहल से चुनाव जीता है। इसके बाद वह विधानसभा पद के सदस्य से इस्तीफा दे सकते हैं। ऐसे में यहां उपचुनाव कराए जाने की संभावना है। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि आजमगढ़ से 10 सर्वाधिक सीटें मिलने से यहां से वह जुड़े रहेंगे। अखिलेश आजमगढ़ से सपा से सांसद हैं। अखिलेश के साथ ही सीतापुर जेल में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान भी विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे।
क्या कहा शिवपाल ने
जसवंतनगर सीट से विधायक व प्रसपा अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि सपा के पक्ष में अच्छा माहौल था। पार्टी का वोट प्रतिशत बढ़ा है लेकिन खामियां कहीं न कहीं रह गईं। हम लोग समीक्षा कर उन खामियों को दूर करेंगे। हम बैठने वाले नहीं हैं, जनता के बीच रहेंगे।