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UP Assembly Elections 2022: दूसरे चरण के लिए सियासी दलों ने झोंकी ताकत, पीएम मोदी, मायावती और अखिलेश यादव की जनसभा

शनिवार शाम छह बजे से यूपी में चुनाव प्रचार थम गया। उससे पहले सभी दलों ने दूसरे चरण के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने और बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के गढ़ कहे जाने वाले जिलों में हुंकार भरी तो वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बदायूं में चुनावी जनसभा को संबोधित किया।
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Updated: 12 Feb 2022, 6:00 PM IST
दूसरे चरण के लिए सियासी दलों ने झोंकी ताकत, पीएम मोदी, मायावती और अखिलेश यादव की जनसभा
दूसरे चरण के लिए सियासी दलों ने झोंकी ताकत, पीएम मोदी, मायावती और अखिलेश यादव की जनसभा

UP Assembly Elections 2022: पहले चरण का मतदान सम्पन्न हो जाने के बाद सभी सियासी दिग्गज दूसरे चरण के चुनाव की तैयारी में जुट गये हैं। शनिवार शाम छह बजे से यूपी में चुनाव प्रचार थम गया। उससे पहले सभी दलों ने दूसरे चरण के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी। जहाँ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने और बसपा सुप्रीमो मायावती ने सपा के गढ़ कहे जाने वाले जिलों में हुंकार भरी तो वहीं सपा मुखिया अखिलेश यादव ने बदायूं में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। आइये जानते किसने कहाँ क्या कहा -

"पहले चरण के बाद परिवारवादियों को सपने दिखना बंद हो गए": पीएम मोदी

इत्रनगरी कन्नौज में चौथी बार आए प्रधानमंत्री नरेंन्द्र मोदी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अन्नूर्पणा मंदिर परिसर मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि, "पहले चरण के मतदान के एक और बात साफ की है कि दो दिन से घोर परिवारवादियों को सपने दिखना बंद हो गए हैं। पता है क्यों, इसलिए कि उनकी नींद उड़ गई है। वो लोग सोच रहे थे कि जातिवाद और संप्रदायवाद फैलाकर वोटों को बांट देंगे। लेकिन, मुझे खुशी है कि यूपी के लोग माफियावादियों और दंगावादियों के खिलाफ एकजुट होकर वोट कर रहे हैं। ये एकजुटता ही दंगावाद से मुक्ति के पक्ष में है, ये एकजुटता कानून व्यवस्था के पक्ष में है, ये एकजुटता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के पक्ष में है।"

"पहले चरण के चुनाव के बाद ठंडे पड़े बीजेपी नेता”: अखिलेश यादव

बदायूँ में जनसभा को संबोधित करते हुए यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, “10 फरवरी के पहले चरण के मतदान में जनता ने बीजेपी को नकार दिया है। पहले चरण के चुनाव के बाद से ही बीजेपी के नेता ठंडे पड़ गए हैं और उनके नेता बोल रहे हैं कि 10 मार्च के बाद वे गर्मी निकाल देंगे। ‘कुछ दल ऐसे हैं जो सीधे सपा से लड़ कर भाजपा को जिताना चाहते हैं। वो दल बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के रास्ते से भटक गया है। इसलिए उसके बहुत सारे नेता सपा में आ गए हैं।’ उन्होंने कहा कि कोरोना आया बहुत सारे लोग बीमार हो गए। सरकार दवाई का इंतजाम नहीं कर पायी। जो सरकार लोगों की मदद नहीं कर पाई उसको हटाने का भी ये चुनाव है।"

"सपा की सरकार किसी भी कीमत पर नहीं": मायावती

औरैया में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती समाजवादी पार्टी पर ज्यादा हमलावर रहीं। उन्होंने कहा कि, सपा की सरकार में गुंडों, बदमाशों, अराजकतत्वों व लूट खसोट करने वालों का ही राज रहा है। जिसकी वजह से हमेशा यहां तनाव बना रहा।कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक कांग्रेस ने देश में राज किया। मगर कांग्रेस ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया।बीजेपी और संघ पर भी निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि, भाजपा जातिवादी, पूंजीवादी व आरएसएस के संकीर्णवादी एजेंडे को लागू करने में ही लगी रही है।

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