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Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : आठ बार चुनाव जीतने वाले यूपी के ये नेता बनाएंगे इस बार रिकार्ड, नाम जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे

रामपुर खास से प्रमोद तिवारी लगातार 9 बार चुनाव जीत चुके हैं। इनका नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है। एक दल, एक क्षेत्र और एक चुनाव चिह्न के साथ नौ बार जीतने का रिकार्ड है। वैसे तो यूपी कोलअसला विधानसभा सीट (वर्तमान में पिंडरा) से कॉमरेड ऊदल और रामपुर विधानसभा सीट से आजम खान नौ बार विधायक रहे हैं। लेकिन वे लगातार नहीं जीते थे।

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Jan 31, 2022
Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : आठ बार चुनाव जीतने वाले यूपी के ये नेता बनाएंगे इस बार रिकार्ड, नाम जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे

यूपी विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए वोटिंग 10 फरवरी को होने जा रही है। उम्मीदवार जीतने के लिए पूरी जान लगा दे रहे हैं। पर सब कुछ ठीक होने के बाद भी अपने जीत की गारंटी नहीं ले रहे हैं। इसी यूपी में कुछ ऐसे नेता हैं जिन्होंने आज तक हार का मुंह ही नहीं देखा है। कुछ हैं जो एक बार हारे पर आठ बार जीते हैं। जनता उनकी मुरीद है। पिछले आठ विधानसभा में जीत का परचम लहरा रहे हैं। चुनावी बिसात बिछ चुकी है, और यह विधायक एक रिकार्ड बनाने जा रहे हैं। रामपुर खास से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी का नाम नौ बार लगातार चुनाव जीतने के लिए गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है। आइए जानते हैं उत्तर प्रदेश उन नेताओं के बारे में जो पिछले 8 चुनावों से विधानसभा का चुनाव जीतते आ रहे हैं।

नौंवी जीत की आस में सुरेश कुमार खन्ना (शाहजहांपुर)

शाहजहांपुर विधानसभा सीट भाजपा का मजबूत गढ़ है। योगी सरकार में वित्त, संसदीय कार्य और मेडिकल एजुकेशन विभाग मंत्री सुरेश कुमार खन्ना शाहजहांपुर विधानसभा से लगातार आठ बार से विधायक हैं। 1989 में पहली बार विधायक बने। इसके बाद जीत का जो सिलसिला चला तो अभी तक नहीं रुका। चुनाव 1993, 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 में जारी रहा। इस बार खन्ना नौंवी बार चुनाव लड़ने वाले हैं। चुनाव 2017 में सुरेश कुमार खन्ना ने सपा के तनवीर खान को 19,203 वोटों से हराया था।

आठ बार जीते दुर्गा प्रसाद यादव (आजमगढ़ सदर)

आजमगढ़ जिले सदर से विधायक दुर्गा प्रसाद यादव आठ बार से समाजवादी पार्टी से विधायक हैं। दुर्गा प्रसाद यादव का सियासी सफर 1985 से शुरू हुआ। सदर विधानसभा से पहली बार निर्दलीय विधानसभा पहुंचे थे। जिसके बाद सिलसिला शुरू हुआ तो रुका नहीं। दुर्गा प्रसाद यादव 1989, 1991, 1996, 2002, 2007, 2012 और 2017 का चुनाव जीते। चुनाव 2017 दुर्गा प्रसाद यादव ने भाजपा के अखिलेश मिश्र गुड्‌डू को 26,262 मतों से हराया था।

सपा के राम गोविंद चौधरी भी हैं इस लाइन में (बांसडीह)

लोकनायक जयप्रकाश और पूर्व पीएम चंद्रशेखर संग काम कर चुके राम गोव‍िंद चौधरी यूपी की राजनीति में वरिष्ठ नेताओं में शुमार हैं। बलिया की बांसडीह सीट से रामगोविंद चौधरी अब तक 8 बार विधायक चुने गए हैं। रामगोव‍िंद चौधरी पहली बार 1977 में चिलकहर विधानसभा सीट से जनता पार्टी के टिकट पर जीतकर विधायक बने थे। वो 1980, 1989, 1991, 2002, 2007, 2017 और 2017 के लिए चुने गए। चुनाव 2017 में रामगोव‍िंद चौधरी ने निर्दलीय उम्मीदवार केतकी सिंह को 1687 वोट के अंतर से हराया था। चुनाव 2022 के लिए वह मोर्च पर हैं।

सिर्फ श्याम सुंदर शर्मा पर ही लगती है मोहर (मांट)

यूपी की स‍ियासत में मथुरा जिला के कद्दावर नेता श्‍याम सुदंर शर्मा का राजनी‍त‍िक इति‍हास बेहद ही द‍िलचस्‍प है। लहर में बड़े-बड़े कद्दावर नेता हार गए हैं, पर मांट व‍िधानसभा में हमेशा श्याम सुंदर शर्मा के नाम पर ही मुहर लगती रही है। शर्मा ने 1989, 1991 और 1993 में कांग्रेस से विधायक बने। 1996, 2002, 2007, उपचुनाव 2012 जीता। 2017 चुनाव बसपा के ट‍िकट पर लड़ा और विजयी रहे। श्याम सुंदर शर्मा ने इस चुनाव में रालोद के योगेश चौधरी सिर्फ 432 वोटों के अंतर से हराया था। अब वह रिकॉर्ड नौवीं जीत के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

ये तीन है खास

रामपुर खास से प्रमोद तिवारी लगातार 9 बार चुनाव जीत चुके हैं। इनका नाम गिनीज बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है। एक दल, एक क्षेत्र और एक चुनाव चिह्न के साथ नौ बार जीतने का रिकार्ड है। वैसे तो यूपी कोलअसला विधानसभा सीट (वर्तमान में पिंडरा) से कॉमरेड ऊदल और रामपुर विधानसभा सीट से आजम खान नौ बार विधायक रहे हैं। लेकिन वे लगातार नहीं जीते थे।

Published on:
31 Jan 2022 10:40 pm
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