
अखिलेश यादव की संपत्ति तीन साल में सिर्फ इतनी ही बढ़ी
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की कुल संपत्ति 17.22 करोड़ रुपए है। साल 2019 में, उन्होंने 16.90 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति की घोषणा की थी। सोमवार को अपने नामांकन पत्र के साथ दाखिल हलफनामे में अखिलेश ने दिखाया है कि उनके पास 1.79 लाख रुपए की नकदी है जबकि उनकी पत्नी डिंपल यादव के पास 3.32 लाख रुपए नकद हैं। अखिलेश के पास पांच बैंक खाते हैं जिनमें से दो इटावा में हैं जहां एक में 3.19 लाख रुपए और दूसरे में 23,662 रुपए हैं। लखनऊ में उनके दो बैंक खाते हैं जिनमें 21 लाख रुपए और 25,615 रुपए जमा हैं। उनका दिल्ली में एक बैंक खाता है, जिसमें 1.35 लाख रुपए की राशि जमा है।अखिलेश का लखनऊ में एक कॉमर्शियल प्लॉट है।
अखिलेश के पास 76,000 रुपए का फोन
अखिलेश के पास 76,000 रुपए का फोन, 17,085 रुपए का फर्नीचर और 5.34 लाख रुपए से अधिक के व्यायाम उपकरण हैं, जबकि पत्नी डिंपल के पास सोना, हीरा और मोती सहित 59.76 लाख रुपए के आभूषण हैं। उनके पास 1.25 लाख रुपए का कंप्यूटर भी है।
लोकसभा चुनाव 2019 का हलफनामा
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अप्रैल 2019 में अपने लोकसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र के साथ प्रस्तुत हलफनामे में 7.9 करोड़ रुपये की चल संपत्ति और 16.90 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति की घोषणा की थी। उनकी पत्नी डिंपल ने 3.68 करोड़ रुपए की चल संपत्ति और 9.30 करोड़ रुपए की अचल संपत्ति घोषित की है।
डिंपल यादव की आमदनी में इजाफा
वित्त वर्ष 2017-2018 में अखिलेश की आय घटकर 84.83 लाख रुपए रह गई, जबकि साल 2013-14 में यह 1.25 करोड़ रुपए थी। हालांकि उनकी पत्नी डिंपल यादव की आमदनी में इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां उनकी वार्षिक आय 28,31,838 रुपए थी, वहीं 2017-18 में यह बढ़कर 61,16,108 रुपए हो गई।
करहल से एसपी सिंह बघेल भाजपा उम्मीदवार
केंद्रीय कानून एवं न्याय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल करहल से समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ भाजपा के उम्मीदवार होंगे। सोमवार को मैनपुरी में अखिलेश यादव के पर्चा दाखिल करने के एक घंटे बाद बघेल ने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
मुलायम सिंह यादव के लिए सुरक्षा अधिकारी थे बघेल
एसपी सिंह बघेल के बारे में एक दिलचस्प बात यह है कि, वे पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के लिए सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्य किया था। यूपी पुलिस में सब-इंस्पेक्टर, सैन्य विज्ञान के प्रोफेसर और पांच बार सांसद रहे बघेल ने अपने करियर में कई मुकाम हासिल किए हैं।
समाजवादी पार्टी छोड़ बसपा में आए
औरैया जिले के रहने वाले बघेल को उनके काम के लिए जाना जाता है। वह 1998, 1999 और 2004 में समाजवादी पार्टी के सांसद के रूप में लोकसभा के सदस्य थे, जो जलेसर सीट का प्रतिनिधित्व करते थे। 2009 में, बघेल बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में शामिल हो गए और बसपा के उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा के लिए चुने गए। लेकिन 2014 में, फिरोजाबाद से लोकसभा चुनाव में लड़ने के बाद बघेल ने बसपा के राज्यसभा सांसद के रूप में इस्तीफा दे दिया।
टूंडला से जीते विधानसभा चुनाव
इसके तुरंत बाद, उन्होंने खुद को भाजपा के साथ जोड़ लिया। 2015 में, उन्हें भाजपा ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। 2017 में, उन्होंने टूंडला से विधानसभा चुनाव जीता और योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में पशुपालन मंत्री का पद संभाला। 2019 में, उन्हें भाजपा द्वारा आगरा लोकसभा सीट (एससी) से मैदान में उतारा गया था। बघेल दूसरे उम्मीदवार से दो लाख से अधिक मतों से वहां जीते थे।
Updated on:
31 Jan 2022, 6:19 PM IST
Published on:
31 Jan 2022, 6:19 PM IST
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