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करहल विधानसभा सीट से अखिलेश यादव 31 जनवरी को करेंगे नामांकन, भाजपा ने अभी तक घोषित नहीं किया उम्मीदवार क्यों?

करहल विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं। वे सोमवार 31 जनवरी को कलक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। अखिलेश यादव पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस ने ज्ञानवती यादव और बसपा ने कुलदीप नारायण को इस सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
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लखनऊ

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Sanjay Kumar Srivastava

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Updated: 30 Jan 2022, 6:04 PM IST

करहल विधानसभा सीट से अखिलेश यादव 31 जनवरी को करेंगे नामांकन, भाजपा ने अभी तक घोषित नहीं किया उम्मीदवार क्यों?

करहल विधानसभा सीट से अखिलेश यादव 31 जनवरी को करेंगे नामांकन, भाजपा ने अभी तक घोषित नहीं किया उम्मीदवार क्यों?

चुनाव 2022 में करहल विधानसभा सीट सुर्खियों में है। करहल विधानसभा क्षेत्र को समाजवादियों का गढ़ माना जाता है। करहल विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव चुनाव लड़ रहे हैं। वे सोमवार 31 जनवरी को कलक्ट्रेट पहुंचकर अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। अखिलेश यादव पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस ने ज्ञानवती यादव और बसपा ने कुलदीप नारायण को इस सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया है। पर भाजपा ने अभी तक अपने उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। इस सीट पर तीसरे चरण में 20 फरवरी को चुनाव होना है।

पार्टी तय करेगी कि मुझे क्या करना है : अपर्णा यादव

भाजपा ने करहल से अखिलेश यादव को चुनौती देने वाले प्रत्याशी को ढूंढ रही है। मंथन चल रहा है। कुछ ऐसी हवा भी है कि, भाजपा अपर्णा यादव पर अपना दांव खेल सकती है। एक न्यूज़ चैनल में अपर्णा यादव ने इस बात के संकेत दिए हैं कि वह करहल सीट से चुनाव लड़ सकती हैं। उन्होंने कहा, अगर पार्टी कहेगी तो अखिलेश भैया के खिलाफ भी चुनाव लड़ूंगी। पार्टी तय करेगी कि मुझे क्या करना है। अपर्णा यादव ने कहाकि, लखनऊ कैंट में लोगों की सेवा कर रही हूं। अगर पार्टी कहेगी तो अखिलेश भैया के खिलाफ भी चुनाव लड़ूंगी। पार्टी तय करेगी कि मुझे क्या करना है।

यह भी पढ़ें : आखिर करहल विधानसभा सीट से ही क्यों चुनाव लड़ना चाहते हैं अखिलेश यादव

करहल विधानसभा समाजवादियों का गढ़

करहल विधानसभा समाजवादियों का गढ़ है। वर्ष 1957 में करहल को सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र बनाया गया। 1974 में करहल सामान्य विधानसभा क्षेत्र घोषित किया गया। अखिलेश यादव पहली बार इस सीट से विधानसभा चुनाव में उतरेंगे। इस सीट से मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक गुरु नत्थू सिंह भी एमएलए रह चुके हैं। वैसे अखिलेश यादव कन्नौज संसदीय सीट से तीन बार सांसद चुने गए थे। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में वे आजमगढ़ सीट से चुनाव जीतकर एक बार फिर संसद पहुंचे। 2002 से लगातार चार बार से इस सीट पर सपा विधायक सोबरन सिंह का कब्जा है।

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करहल विधानसभा है समाजवादियों का गढ़

करहल विधानसभा मैनपुरी जिले का अंग है। करहल विधानसभा क्षेत्र में कुल 371261 मतदाता है। जातीय समीकरण के लिहाज से यादव मतदाताओं की संख्या 1.25 लाख के आसपास है। वहीं शाक्‍य 35 हजार, क्षत्रिय 30 हजार और दलित मतदाताओं की संख्‍या कुल 22 हजार है। इसके अलावा ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या 16 हजार है। इस सीट पर 1980 में पहली बार कांग्रेस के शिवमंगल सिंह व चुनाव 2002 में भाजपा से सोबरन सिंह जीते थे। बाद में सोबरन सिंह सपा में आ गए थे।

ये है चुनाव कार्यक्रम

- 01 फरवरी को अपराह्न तीन बजे तक कर सकेंगे नामांकन
- 02 फरवरी को नामांकन पत्रों की जांच
- 04 फरवरी को नामांकन व पापसी का मौका
- 20 फरवरी को होगा मतदान
- 10 मार्च को होगी मतों की गणना।