
यूपी की हॉट विधानसभा सीट : गुरुओं की विरासत संभालने उतरे योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव
यूपी विधानसभा चुनाव में गोरखपुर और करहल विधानसभा सीटें एकाएक पूरे देश में चर्चा में आ गयी हैं। गोरखपुर सदर से जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा से उम्मीदवार हैं, वहीं मैनपुरी की करहल विधानसभा सीट से पूर्व सीएम अखिलेश यादव सपा से चुनाव लडऩे जा रहे हैं। सियासी समीकरण के लिहाज से यह दोनों सीटें दोनों नेताओं के लिए महत्वपूर्ण हैं। करहल जहां मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक गुरु नत्थू सिंह का कर्मक्षेत्र रही है वहीं गोरखपुर सदर सीट से योगी आदित्यनाथ के गुरु महंत अवैधनाथ यहां से विधायक रहे हैं। एक बात और दोनों ही प्रत्याशी सांसद रहे हैं और पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं।
गोरखपुर सदर सीट का सियासी समीकरण
गोरखपुर सदर सीट पर करीब 4.50 लाख वोटर हैं। जिनमे सबसे अधिक 95 हजार कायस्थ हैं। यहां 55 हजार ब्राह्मण, 50 हजार मुस्लिम, 25 हजार क्षत्रिय, 45 हजार वैश्य, 25 हजार निषाद, 25 हजार यादव और 20 हजार दलित हैं। इसके अलावा पंजाबी, सिंधी, बंगाली और सैनी कुल मिलाकर करीब 30 हजार वोटर हैं।
करहल में 1.25 लाख यादव
करहल विधानसभा क्षेत्र में कुल 371261 मतदाता हंै। इसमें यादव मतदाताओं की संख्या 1.25 लाख के आसपास है। वहीं शाक्य 35 हजार, क्षत्रिय 30 हजार, 22 हजार दलित, इसके अलावा 16 हजार ब्राह्मण मतदाता हैं। इस सीट पर सिर्फ एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा जीती है। अन्यथा यहां सपा ही जीतती आयी है।
मुलायम ने अपने गुरु से ली थी सीट
- करहल विधानसभा क्षेत्र को समाजवादियों का गढ़ माना जाता है
- करहल मुलायम के राजनीतिक गुरु नत्थू सिंह की सीट थी
- 2002 से लगातार चार बार करहल में सपा का कब्जा रहा
- मैनपुरी ने मुलायम परिवार के बच्चों को दी राजनीति पहचान
- अखिलेश पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
गोरखपुर सदर से सीएम योगी की चुनौती
- गोरखपुर, योगी आदित्यनाथ की संसदीय सीट रही है
- योगी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ेगें
- योगी के गुरु विधायक चुने गये थे यहीं से
- जातीय समीकरण काम नहीं आता
- जहां गोरखनाथ मंदिर वोट भी वहीं पड़ेगा
- गोरखपुर सदर सीट पर करीब 4.50 लाख वोटर।
Updated on:
22 Jan 2022, 7:28 AM IST
Published on:
21 Jan 2022, 10:48 PM IST
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