हर साल सूखे की मार झेलने वाले बुंदेलखंड देश का सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला इलाका है। इसी के साथ ही यहां ग़रीबी और बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या है। यहां के किसान खेती के लिए सिर्फ बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। जिस साल बारिश नहीं उस साल फसल नहीं।
UP Election 2022: बुंदेलखण्ड में कुल सात जिले और 19 विधानसभा सीटें आती हैं। 2017 के विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने बुंदेलखण्ड की इन सभी 19 सीटों पर कब्जा जमाकर इतिहास रच दिया था। इतना ही नहीं बीजेपी ने ये सभी सीटें करीब एक लाख से लेकर 15 हजार वोटों के बड़ें अंतर से जीती थीं। ऐसे में इस बार बीजेपी के ऊपर पिछला इतिहास दोहराने का जबर्दस्त दबाव है। वहीं विपक्षी दलों के लिए भी बीजेपी के गढ़ को भेद पाना बेहद आसान नहीं है। लगभग हर साल सूखे की मार झेलने वाले बुंदेलखंड देश का सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला इलाका है। इसी के साथ ही यहां ग़रीबी और बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या है। हालांकि बुन्देलखण्ड के चुनावी इतिहास पर गौर करें तो 2022 की राह बीजेपी के लिए इतनी आसान नहीं रहने वाली।
बदला है सियासी समीकरण
वजह ये कि जहां कांग्रेस यहां धीरे-धीरे अपना काफी जनाधार तैयार कर चुकी है। प्रियंका गांधी ने पिछले साल यहाँ जबर्दस्त दौरे किये थे। वहीं अखिलेश यादव ने अपने समाजवादी रथ यात्रा का पहला चरण भी इसी इलाके से शुरू किया था। दूसरी ओर इस बार आम आदमी पार्टी और एआईएमआईएम की मौजूदगी ने भी यहाँ के सियासी समीकरण को बदल दिया है।
बुंदेलखण्ड के चुनावी मुद्दे
लगभग हर साल सूखे की मार झेलने वाले बुंदेलखंड देश का सबसे कम प्रति व्यक्ति आय वाला इलाका है। इसी के साथ ही यहां ग़रीबी और बेरोज़गारी एक बड़ी समस्या है। यहां के किसान खेती के लिए सिर्फ बारिश के पानी पर ही निर्भर रहते हैं। जिस साल बारिश नहीं उस साल फसल नहीं। वहीं यहां आवारा पशुओं की भी बड़ी समस्या है।
बीजेपी ने अपने सिटिंग कैेडिडेट पर जताया भरोसा
बीजेपी ने अपनी तीसरी लिस्ट में जिन उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की उसमें ज्यादातर सीटों पर सिटिंग कैंडिडेट पर ही भरोसा जताया है।
मंडल
दो - झांसी और चित्रकूट
जिले
सात - जालौन, झांसी, ललितपुर, हमीरपुर, बांदा व चित्रकूट
बुंदेलखंड की सीटें
बुंदेलखंड की आबादी (2011 की जनगणना के अनुसार)