उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को पूरा होने में कुछ ही महीनों का वक्त बचा है। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में कौन शासन करेगा, इसका फैसला तो जनता ही करेगी लेकिन वर्तमान की योगी सरकार ने बीते कई सालों में कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जो सुर्खियों में बने रहे।
लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के पांच साल के कार्यकाल को पूरा होने में कुछ ही महीनों का वक्त बचा है। यूपी विधानसभा चुनाव 2022 में कौन शासन करेगा, इसका फैसला तो जनता ही करेगी लेकिन वर्तमान की योगी सरकार ने बीते कई सालों में कुछ ऐसे फैसले लिए हैं, जो सुर्खियों में बने रहे। चाहे वह मंत्रियों की संपत्ति का ब्योरा हो, लव जिहाद पर कानून हो या फिर सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों की संपत्ति कुर्क करने की कार्रवाई का फैसला हो, सरकार ने कई ऐसे सख्त और बड़े फैसले लिए हैं जो जनता के हित में हों। आइये जानते हैं योगी सरकार के फैसलों के बारे में जो बीते सालों में योगी आदित्यनाथ ने अपने मुख्यमंत्री के कार्यकाल में लिए हैं।
लव जिहाद कानून
24 नवंबर, 2020 को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने लव जिहाद पर अध्यादेश को मंजूरी दी थी। अध्यादेश में धर्म परिवर्तन करने वालों को निर्धारित समय पर जिला अधिकारी को सूचना देनी होगी। उल्लंघन किए जाने पर छह महीने से तीन साल की सजा और जुर्माने की राशि न्यूनतम 10 हजार रुपये का प्रावधान है।
अभ्युदय योजना का शुभारंभ
फरवरी 2021 में योगी सरकार ने गरीब प्रतियोगी छात्रों को निशुल्क कोचिंग देने का निर्णय किया है। ऐसे छात्र जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है और पैसों के अभाव में अच्छी कोचिंग नहीं कर पाते उन्हें अभ्युदय कोचिंग के जरिये सिविल सर्विसेज, इंजीनियर व अन्य प्रोफेशनल कोर्स करवाने का फैसला योगी सरकार ने लिया था। इसके लिए अभ्युदय योजना की शुरुआत की गई थी। यह कोचिंग निशुल्क है।
गोहत्या पर कानून
उत्तर प्रदेश सरकार ने उप्र गोवध निवारण (संशोधन) विधेयक गोहत्या के जरिये 2020 के कानून को और सख्त बना दिया है। इसमें गोवंश को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने पर एक से सात साल की सजा का प्रावधान है। जबकि गोहत्या पर 10 साल की सजा का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना अनुदान राशि
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत अनुदान राशि 35 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपये करने का फैसला। इस योजना के तहत नवविवाहित जोड़े के अकाउंट में 35000 रूपए जमा करेगी। विवाह के आवश्यक सामग्री जैसे कपडे, बिछिया, पायल , और वर्तन के लिए 10000 रूपए खर्च करेगी और 6000 रूपए विवाह के व्यय पर खर्च किये जायेंगे।
पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम
योगी सरकार ने राजधानी लखनऊ, वाराणसी, नोएडा और कानपुर में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम लागू किया गया है। पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू होने के बाद डीएम के बहुत सारे अधिकार पुलिस अफसर को मिल जाते हैं, जो एक आईपीएस होता है। लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरेट सिस्टम 2019 में और वाराणसी और कानपुर में 2021 में लागू किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सौगात
यूपी बहुत जल्द ही पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे वाला पहला राज्य बनने वाला है। यूपी सरकार ने नीति आयोग में इस योजना को पेश किया था जिसके अनुसार लखनऊ, वाराणसी समेत अयोध्या, गौतमबुद्धनगर और कुशीनगर से बहुत जल्द विदेशों के लिए सीधी हवाई सेवा की उपलब्धि शुरू होगी।
राज्य विकास प्राधिकरणों का कैग से ऑडिट
बिल्डरों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए योगी सरकार ने राज्य विकास प्राधिकरणों का कैग से ऑडिट कराने का फैसला किया। इसके मुताबिक एक्सप्रेस वे इंडस्ट्रियल डेवलप्मेंट अथॉरिटी के साथ यूपी राज्य औद्योगिक विकास निगम की सीएजी से जांच कराने का फैसला योगी सरकार ने किया।
नुकसान की भरपाई
माफियाओं व अपराधियों की संपत्ति सीज करने के साथ ही उनकी अवैध इमारतों पर यूपी सरकार ने बुलडोजर चलवाया। हालांकि, उनके इस फैसले की आलोचना भी हुई थी।
दंबगों से नुकसान की भरपाई
योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश रिकवरी पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी अध्यादेश को मार्च 2020 में मंजूरी दी थी। इसके तहत धरना प्रदर्शन या आंदोलन में सरकारी संपत्तियों को होने वाले नुकसान की भरपाई प्रदर्शनकारियों से करने का प्रावधान है। यूपी सरकार के फैसले के अनुसार एनआरसी और नागरिकता कानून में होने वाले प्रदर्शन में सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ था। जिसमें भरपाई आंदोलनकारियों से उनकी प्रॉपर्टी सीज कर की गई थी।
महिलाओं के लिए मिशन शक्ति अभियान
राज्य में महिला अपराध पर लगाम लगाने के लिए योगी सरकार ने मिशन शक्ति अभियान की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं व लड़कियों को जागरूक करना और उन्हें स्वावलंबी बनाना है।