बीजेपी को छोड़कर समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने की अटकलों पर भी स्वाति सिंह ने पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि जीना यहां, मरना यहां। मैं बीजेपी का हिस्सा हूं और आजीवन बीजेपी का हिस्सा रहूंगी। मैं बीजेपी नहीं छोड़ूंगी, पार्टी के लिए कैंपेनिंग कर रहूं हूं और करती रहूंगी।
योगी सरकार में मंत्री स्वाति सिंह ने टिकट कटने के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बिना कोई नाराजगी जताते हुए कहा है कि वह पार्टी ने जो भी निर्णय लिया है वह अच्छा सोच कर ही लिया होगा। वह पार्टी के फैसले के साथ हैं। वहीं, बीजेपी को छोड़कर समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने की अटकलों पर भी स्वाति सिंह ने पूर्ण विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा कि जीना यहां, मरना यहां। मैं बीजेपी का हिस्सा हूं और आजीवन बीजेपी का हिस्सा रहूंगी। मैं बीजेपी नहीं छोड़ूंगी, पार्टी के लिए कैंपेनिंग कर रहूं हूं और करती रहूंगी। पार्टी ने जो जिम्मेदारी दी है, उसे निभाऊंगी। वहीं, पति के साथ विवाद की वजह से टिकट न मिलने पर कहा कि कोई कंट्रोवर्सी नहीं है।
मेरे रोम-रोम में भाजपा- स्वाति सिंह
भाजपा के साथ नाराजगी की खबरों को खारिज करते हुए स्वाति सिंह ने कहा कि भाजपा उनके रोम-रोम में बसा है। स्वाति ने कहा, 'मैं 17 वर्ष की थी तब विद्यार्थी परिषद ज्वाइन किया था। मेरे रोम-रोम में बीजेपी है। मैं यहीं रहूंगी और यहीं मरूंगी। संगठन भविष्य में जो भी जिम्मेदारी देगी उसे निष्ठा के साथ निभाऊंगी।' उधर, राजेश्वर सिंह को उनकी जगह टिकट मिलने पर कहा कि पार्टी के फैसले पर किसी कार्यकर्ता को सवाल नहीं उठाना चाहिए। वह नहीं जानती थीं कि पार्टी उन्हें महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाएगी। पार्टी ने टिकट दिया, सरोजनीनगर से जितवाया, मंत्री बनाया। पार्टी ने यह फैसला भी कुछ अच्छा सोच कर ही लिया होगा।
सरोजनीनगर सीट से राजेश्वर सिंह उम्मीदवार
बता दें कि हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए ईडी के पूर्व ज्वाइंट डायरेक्टर राजेश्वर सिंह को पार्टी ने सरोजनीगर सीट से उम्मीदावर बनाया है। उनके सरोजनीनगर से उम्मीदवार घोषित होने पर स्वाति सिंह के समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने की अटकलें तेज थीं। हालांकि, स्वाति सिंह ने इन खबरों को खारिज कर दिया हैं। वहीं, स्वाति के पति दयाशंकर ने कहा कि वह राजेश्वर सिंह को जिताने के लिए काम करेंगे।