West Bengal Assembly Elections 2021: ममता बनर्जी ने बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। इतना ही नहीं ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की कि गुजरातियों के बंगाल आने पर तुरंत रोक लगाई जाए।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव ( West Bengal Assembly Elections 2021 ) को लेकर सभी पार्टियां पूरी ताकत के साथ प्रचार-प्रसार में जुटी हैं। वहीं, देशभर में कोरोना संक्रमण के मामले भी काफी तेजी के साथ बढ़ रहे हैं, जिससे चिंताएं बढ़ गई हैं।
ऐसे में कोरोना को लेकर जमकर सियासत की जा रही है। बंगाल की सत्ता पर तीसरी बार लगातार काबिज होने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है। जबकि बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से सर्वदलीय बैठक बुलाई गई।
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नादिया में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने बंगाल में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए बाहरी लोगों को जिम्मेदार ठहराया। इतना ही नहीं ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की कि गुजरातियों के बंगाल आने पर तुरंत रोक लगाई जाए।
ममता ने कहा कि बंगाल में कोरोना के मामले कम गए थे। बीते पांच महीनों से कोरोना के केस नहीं आ रहे थे, लेकिन अब हालात बिगड़ गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी लोग यहां आकर कोरोना फैला रहे हैं। ममता ने कहा कि भाजपा बाहरी लोगों को यहां लेकर आती है और किसी का भी कोरोना टेस्ट नहीं कराया जाता है।
नोवापारा में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि हमारे यहां बाहरी लोग कोरोना फैला रहे हैं। बाहरी लोग यहां आते हैं और कोरोना फैलाते हैं। जब हमारे लोग इससे मरेंगे तो वही लोग हमें जिम्मेदार ठहराएंगे। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की कि बाहरी लोगों को बंगाल में न आने दिया जाए, खासकर उन्हें जो लोग गुजरात से आ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने ये कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां आ सकते हैं.. पर कोरोना टेस्ट कराना जरूरी है। ममता ने कहा कि रैलियों में स्थानीयो लोग शामिल होते हैं.. ऐसे में गुजरात और उत्तर प्रदेश के लोगों को लाने की क्या जरूरत है?
चुनाव आयोग ने बुलाई सर्वदलीय बैठक
आपको बता दें कि बंगाल में बढ़ते कोरोना संक्रमण को लेकर बंगाल के मुख्य चुनाव आयोग ने सर्वदलीय बैठक बुलाई।पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) द्वारा कोलकाता सर्किट हाउस में कोरोना पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में भारतीय जनता पार्टी, तृणमूल कांग्रेस समेत अन्य दलों के प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए।
इस दौरान राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बाकी के बचे चार चरणों के मतदान को किस प्रकार से सुरक्षित कराया जाए इसे लेकर चर्चा की गई। मतदान और उससे पहले चुनाव प्रचार के दौरान कोरोना नियमों का कैसे पालन कराया जाए इस संदर्भ में भी चर्चाएं की गई। लेकिन कुछ भी नतीजा नहीं निकला।
भाजपा नेता स्वपन दासगुप्ता ने कहा- 'हमने चुनाव आयोग से कहा है कि मजबूत लोकतांत्रिक संस्कृति के साथ सुरक्षा मानदंडों को संतुलित करने की जरुरत है। यह चुनाव आयोग पर निर्भर करता है कि वह हमें बताए कि वास्तव में राजनीतक दलों को क्या करना चाहिए। हमने आश्वस्त किया है कि हम प्रोटोकॉल्स का पालन करेंगे। तृणमूल के राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन ने कहा-'हमारी स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है। पार्टी बाकी बचे चुनावों को एक चरण में चाहती है।
मालूम हो कि बंगाल में चार चरणों के मतदान समाप्त हो चुके हैं और बाकी के चार चरण के मतदान होने अभी बाकी हैं। पांचवें चरण का मतदान कल (शुनिवार, 17 अप्रैल) होने वाला हैं। पांचवें चरण में 45 सीटों पर वोटिंग होगी।