
Amitabh Rekha Silsila movie:बॉलीवुड की क्लासिक फिल्मों में गिनी जाने वाली 1981 की फिल्म 'सिलसिला' एक बार फिर सुर्खियों में है। बता दें, अमिताभ बच्चन, रेखा और जया बच्चन की तिकड़ी वाली इस फिल्म को कई फैंस आज भी इसे अमर प्रेम कहानी मानते हैं, लेकिन 2025-26 की Gen Z ऑडियंस शायद इसे बिल्कुल अलग नजर से देखती।
सोशल मीडिया और पॉप-कल्चर प्लेटफॉर्म्स पर 'सिलसिला' को लेकर नई चर्चा शुरू हुई, जिसमें कई युवा दर्शकों ने फिल्म के रिश्तों और फैसलों को 'रेड फ्लैग' बताया। Gen Z दर्शकों के अनुसार, जिस चीज को 80 के दशक में रोमांस माना गया, आज उसे इमोशनल कन्फ्यूजन, कम्युनिकेशन गैप और रिलेशनशिप रेड फ्लैग्स के तौर पर देखा जा सकता है।
दरअसल, फिल्म की कहानी में अमित का किरदार अपनी पुरानी मोहब्बत और शादीशुदा जिंदगी के बीच फंसा दिखाई देता है। इस पर Gen Z का मानना है कि आज के दौर में ऐसे रिश्तों पर खुलकर बातचीत होती है और लोग रिश्तों में ईमानदारी, स्पष्टता और इमोशनल जिम्मेदारी को ज्यादा महत्व देते हैं। यही कारण है कि कई युवा दर्शकों को फिल्म की कहानी रोमांटिक कम और टॉक्सिक ज्यादा लगती है।
इसका मतलब ये नहीं है कि नई पीढ़ी फिल्म को पसंद नहीं करती। इसमें मजेदार बात ये है कि फिल्म की सबसे ज्यादा तारीफ रेखा की स्क्रीन प्रेजेंस, अमिताभ बच्चन के करिश्मे और यश चोपड़ा की विजुअल स्टोरीटेलिंग को लेकर हुई। इसमें कई युवाओं ने माना कि फिल्म का गाना, सिनेमैटोग्राफी और इमोशन्स आज भी दमदार लगती है।
सिनेमा क्रिटिक्स का मानना है कि हर दौर अपनी सामाजिक सोच के साथ फिल्मों को देखता है। ये सिर्फ 'सिलसिला' की नहीं है, बल्कि बदलते समय की फिल्मों पर भी लागू होता है। हर पीढ़ी फिल्मों को अपने नजरिए से देखती है। बता दें, 1981 की ऑडियंस को जो प्रेम कहानी लगी, तो वही कहानी 2026 की Gen Z को रिश्तों की जटिलताओं और भावनात्मक उलझनों का उदाहरण लग सकती है। फिल्म 'सिलसिला' की सबसे बड़ी ताकत शायद यही है कि रिलीज के चार दशक बाद भी ये लोगों को बातचीत करने और अपने नजरिए शेयर करने पर मजबूर कर रही है। जहां एक तरफ पुरानी पीढ़ी इसे अमर प्रेम कहानी मानती है, तो वहीं Gen Z इसे रिश्तों, फैसलों और इमोशन्स के नए नजरिए से देख रही है, क्योंकी आज कल प्यार करने के बहुत से टर्म एंड कंडिशन्स होते है।