
Political Films: अगर आपको ऐसी फिल्में पसंद हैं जो सिर्फ एंटरटेनमेंट ही नहीं, बल्कि सत्ता, लोकतंत्र, चुनाव, भ्रष्टाचार और समाज की जमीनी सच्चाइयों पर भी सोचने पर मजबूर करें, तो हिंदी सिनेमा में कई दमदार पॉलिटिकल ड्रामा मौजूद हैं। इन फिल्मों ने अलग-अलग दौर की राजनीति, सत्ता और आम लोगों के नजरिए को बड़े पर्दे पर प्रभावशाली ढंग से पेश किया है। इनमें कुछ फिल्में रीयल घटनाओं से प्रेरित हैं, जबकि कुछ काल्पनिक कहानियों के जरिए राजनीतिक व्यवस्था को सामने लाती हैं।
'सरकार'
इस लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर आती है 'सरकार'। राम गोपाल वर्मा के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन लीड रोल में हैं। फिल्म एक प्रभावशाली राजनीतिक परिवार की कहानी दिखाती है, जहां सत्ता, परिवार और नैतिक फैसलों के बीच लगातार टकराव देखने को मिलता है। अमिताभ बच्चन की दमदार एक्टिंग को आज भी उनके करियर की बेहतरीन परफॉर्मेंस में गिना जाता है।
'राजनीति'
भारतीय राजनीति पर बनी सबसे फेमस फिल्मों में शामिल 'राजनीति' है। प्रकाश झा के निर्देशन में बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म में रणबीर कपूर, अजय देवगन, कैटरीना कैफ, अर्जुन रामपाल और मनोज बाजपेयी जैसे स्टार्स नजर आते हैं और इसकी कहानी बहुत दमदार है।
'सत्याग्रह'
'सत्याग्रह' एक ऐसी फिल्म है, जो भ्रष्टाचार, जनआंदोलन और शासन व्यवस्था जैसे मुद्दों को केंद्र में रखती है। अमिताभ बच्चन, अजय देवगन, करीना कपूर खान और मनोज बाजपेयी जैसे स्टार से सजी ये फिल्म लोकतंत्र में जनता की भूमिका और जवाबदेही पर सवाल उठाती है।
'न्यूटन'
'न्यूटन' एक अलग तरह का राजनीतिक ड्रामा है। राजकुमार राव और पंकज त्रिपाठी अभिनीत ये फिल्म नक्सल प्रभावित इलाके में चुनाव कराने की चुनौती को दिखाती है। लोकतंत्र की जमीनी हकीकत को बेहद सादगी और ईमानदारी से पेश करने वाली इस फिल्म को राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिला और ये भारत की ओर से ऑस्कर के लिए भी जा चुकी है।
'नायक'
'नायक' में अनिल कपूर एक टीवी पत्रकार की भूमिका निभाते हैं, जिसे एक दिन के लिए सीएम बनने का मौका मिलता है। एस. शंकर के निर्देशन में बनी ये फिल्म भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ आम आदमी की उम्मीदों और बदलाव की संभावनाओं को मनोरंजक अंदाज में पेश करती है। समय के साथ ये फिल्म कल्ट क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी है।
'युवा'
फिल्म 'युवा' मणिरत्नम की फेमस फिल्मों में से एक है। अजय देवगन, अभिषेक बच्चन, विवेक ओबेरॉय, रानी मुखर्जी और करीना कपूर खान स्टारर ये फिल्म छात्र राजनीति, युवा नेतृत्व और सामाजिक बदलाव की कहानी कहती है। फिल्म ये संदेश देती है कि राजनीति में युवाओं की भागीदारी किस तरह बदलाव ला सकती है।
'हजारों ख्वाहिशें ऐसी'
फिल्म 'हजारों ख्वाहिशें ऐसी' 1970 के दशक की राजनीतिक उथल-पुथल और आपातकाल की बैकग्राउंड पर बेस्ड एक संवेदनशील फिल्म है। सुधीर मिश्रा के निर्देशन में बनी इस कहानी में राजनीति के साथ-साथ रिश्तों, विचारधारा और व्यक्तिगत संघर्षों को भी गहराई से दिखाया गया है।
अगर आप ऐसी फिल्मों की तलाश में हैं जो राजनीति के अलग-अलग पहलुओं को एंटरटेनमेंट के साथ गंभीरता से पेश करें, तो ये 7 फिल्में आपकी वॉचलिस्ट में जरूर शामिल होनी चाहिए।