
Kajal Raghwani Statement: भोजपुरी इंडस्ट्री में आउटसाइडर कहे जाने और 'विक्टिम कार्ड' खेलने के आरोपों के बीच एक्ट्रेस काजल राघवानी ने अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने कहा कि उन्हें जितना खुद नहीं कहना पड़ा, उससे कहीं ज्यादा लोगों ने उन्हें 'गुजराती', 'बाहरी' और 'रो-रोकर काम मांगने वाली' जैसे ताने सुनाए। काजल राघवानी ने साफ किया कि भोजपुरी इंडस्ट्री ही उनकी कर्मभूमि है और पिछले 16 सालों से उन्होंने इसी मिट्टी में काम करके अपनी पहचान बनाई है।
काजल ने कहा कि उन्हें लगातार ये सुनने और महसूस कराने की कोशिश की गई कि वो गुजराती हैं, बाहरी हैं और दर्शकों की सहानुभूति लेकर काम हासिल करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इन बातों का उन्हें गहरा दुख हुआ। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि अगर उन्होंने कभी अपनी बात रखी भी है, तो सिर्फ इसलिए कि भोजपुरी इंडस्ट्री उनकी कर्मभूमि है और वो हमेशा इसका सम्मान करती रहेंगी।
एक्ट्रेस काजल राघवानी ने आगे बताया कि जिस इंडस्ट्री और जिस जनता ने उन्हें पहचान दी, वो हमेशा उसके प्रति आभारी रहेंगी। उनके मुताबिक, 16 साल तक भोजपुरी इंडस्ट्री में टिके रहना इस बात का सबूत है कि उन्होंने इस मिट्टी और यहां के लोगों को हमेशा अपना माना है और उन्होंने आगे कहा कि अगर उन्होंने इस इंडस्ट्री को अपना नहीं माना होता तो न इतने वर्षों तक यहां काम कर पातीं और न ही लोग उन्हें लगातार मौके देते।
इस पर काजल राघवानी का कहना है कि ये बातें उन्होंने खुद कभी नहीं कहीं, बल्कि लोगों ने उनके बारे में बनाई और दोहराईं। उन्होंने साफ किया कि उनकी पहचान उनके काम से बनी है, न कि किसी की सहानुभूति से।
बता दें, एक्ट्रेस के इस बयान के बाद भोजपुरी इंडस्ट्री में आउटसाइडर बनाम इनसाइडर की बहस फिर तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी उनके बयान पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग उनके समर्थन में हैं, वहीं कुछ यूजर्स उनके बयान पर सवाल भी उठा रहे हैं।