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CEC के खिलाफ पुलिस कार्रवाई से बॉलीवुड नाराज, प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर अनुराग कश्यप और अपूर्व असरानी का तीखा हमला

Prakash Raj Statement: जंतर-मंतर पर CEC के खिलाफ प्रदर्शन से पहले हिरासत और सुरक्षा के कड़े इंतजामों पर प्रकाश राज, अनुराग कश्यप, अपूर्व असरानी और विशाल ददलानी ने सवाल उठाए।
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Oct 10, 2026
Prakash Raj statement
प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर अपूर्व असरानी का सवाल (सोर्स: @ANI)

Anurag Kashyap Instagram Post: दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर फिल्म इंडस्ट्री की कई हस्तियों ने नाराजगी जताई है। प्रकाश राज ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने पर सवाल उठाए, जबकि अनुराग कश्यप ने ‘लाखों बहादुरों’ का जिक्र करते हुए तंज कसा। फिल्ममेकर अपूर्व असरानी ने भी इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए और इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के विरोध में यह प्रदर्शन बुलाया था। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहा था। प्रदर्शन के लिए दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और कई प्रदर्शनकारियों, पत्रकारों तथा संगठन से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया।

अनुराग कश्यप का तंज- ‘दो डरपोक, 40 हजार गुलाम, लाखों बहादुर’

फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने शनिवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “दो डरपोक, 40,000 गुलाम, लाखों बहादुर।” अनुराग ने एक अन्य पोस्ट में लोगों से ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को लाइव फॉलो करने की अपील की। नेहा ने सैकड़ों लोगों के साथ दिल्ली हाट में प्रदर्शन शुरू किया था, लेकिन बाद में उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया।

बता दें, एडिटर और फिल्ममेकर अपूर्व असरानी ने 10 अक्टूबर को अभिजीत दिपके, रत्ना सिंह और ध्रुव राठी को हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए लिखा, “मुझे बताओ कि यह तानाशाही नहीं है।” उन्होंने अपनी पोस्ट में ‘लोकतंत्र का अंत’ भी लिखा।

विशाल ददलानी और शिरीष कुंदर ने भी उठाए सवाल

सिंगर विशाल ददलानी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया देख रही है कि सिस्टम एक व्यक्ति को बचाने के लिए किस हद तक जा सकता है। उन्होंने प्रदर्शन के अधिकार पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि कार्रवाई के लिए 23 बटालियन बुलाई गईं और शहर में ट्रेनें तथा मेट्रो सेवाएं रद्द होने से जनजीवन प्रभावित हुआ।

फिल्ममेकर शिरीष कुंदर ने भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि अगर किसी को अपने ही लोगों से बचने के लिए ताकत का इस्तेमाल करना पड़े, तो वह कब तक ऐसा कर सकता है। अपनी एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जब बच्चे भी किसी का मजाक उड़ाने लगें, तो उसे समझना चाहिए कि अब लोग उससे डर नहीं रहे हैं।

फिल्ममेकर विक्रमादित्य मोटवानी ने भी दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की आलोचना करते हुए इंस्टाग्राम स्टोरीज पर कई पोस्ट शेयर किए। एक्टर मोहम्मद जीशान अय्यूब ने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में जर्मन नाटककार बर्टोल्ट ब्रेख्त की कविता का हिंदी अनुवाद एक्स पर पोस्ट किया।

वहीं, कॉमेडियन वीर दास ने एक्स पर ‘स्ट्राइसैंड इफेक्ट’ की व्याख्या वाला स्क्रीनशॉट शेयर किया। यह शब्द उस स्थिति के लिए इस्तेमाल होता है, जब किसी जानकारी या गतिविधि को दबाने की कोशिश के उलट उसे और ज्यादा प्रचार मिल जाता है।

प्रकाश राज बोले- ‘आपने हमारी आवाज गिरफ्तार नहीं की’

एक्टर और एक्टिविस्ट प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्टूनिस्ट सतीश आचार्य का बनाया एक कार्टून शेयर किया। इसके साथ उन्होंने सवाल किया, “आप नागरिकों की असहमति से कब तक बचते रहेंगे?” प्रकाश राज ने हिरासत में लिए गए लोगों के समर्थन में एक वीडियो भी शेयर किया। इसमें उन्होंने अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को फ्लाइट और घरों से हिरासत में लिए जाने का जिक्र करते हुए कार्रवाई पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को विरोध स्थल तक पहुंचने से रोकना उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। प्रकाश राज के मुताबिक, “आपने हमारी आवाज को गिरफ्तार नहीं किया है! आपने खुद को गिरफ्तार किया है।” उन्होंने यह भी कहा कि देश लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देगा और लोग सवाल पूछते रहेंगे। इससे एक दिन पहले भी प्रकाश राज ने ट्रेनें रद्द होने और सुरक्षा के कड़े इंतजामों से जुड़ी खबरों पर वीडियो शेयर किया था। इसमें उन्होंने अपनी फिल्म ‘सिंघम’ में जयकांत शिकरे के किरदार का जिक्र करते हुए जनता को संबोधित किया था।

Updated on:
10 Oct 2026 05:36 pm
Published on:
10 Oct 2026 05:24 pm