
CJP Protest Latest News: सोमवार को दिन भर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन चलता रहा। इसी बीच दिल्ली पुलिस और सीजेपी के प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प भी देखने को मिली। सीजेपी का दावा था कि दिल्ली पुलिस की ओर से मारपीट की गई। कई महिलाओं के बाल खिंचे गए। वहीं दूसरी तरफ सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि उनकी बातचीत जेपी नड्डा से हुई है और उन्होंने अपनी मांगें लिखित में दी हैं।
इसके अलावा सीजेपी के प्रवक्ता ने अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने की भी बात कही है। अब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक शख्स सीजेपी के प्रोटेस्ट का मजाक बनाता हुआ दिखाई दे रहा है। क्या है पूरा मामला, चलिए जानते हैं।
दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स सोनम वांगचुक और सीजेपी पर तंज भरे अंदाज में हमला बोल रहा है। शख्स ने कहा कि वो सोनम वांगचुक को अभिनेत्री सोनम बाजवा समझकर दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच गए थे। इसके बाद रिपोर्टर ने उनसे सवाल किया कि सीजेपी के प्रोटेस्ट के बारे में आपको कोई जानकारी नहीं है क्या।
इस सवाल का जवाब देते हुए शख्स ने कहा कि उन्हें नहीं पता कौन सीजेपी है और कौन सोनम वांगचुक है। हालांकि शख्स सीजेपी के प्रदर्शन का विरोधी था और सीधे तौर पर चुटकी ले रहा था। लेकिन उसका ये बयान वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
वहीं सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के बीच तमाम हस्तियों ने भी अपनी राय दी। मीडिया से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी ने कहा कि किसी को परेशान करके या विवाद में घसीटकर आखिर क्या हासिल होगा। उनका मानना है कि समाज और देश के लिए सकारात्मक काम करने पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। हालांकि उन्होंने इस पूरे मामले पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि सरकार समय आने पर उचित निर्णय लेगी।
मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली में जंतर-मंतर से संसद तक विरोध मार्च निकाला गया। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित नीट परीक्षा अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगें उठाईं। इसी दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच कई जगह झड़पें भी देखने को मिलीं। हालात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई और संसद क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
इसी घटनाक्रम के बीच हेमा मालिनी का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने विरोध के बजाय बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए समाधान निकालने पर जोर दिया।