मनोरंजन

पिता के अंतिम संस्कार में वीडियो कॉल पर शामिल हुईं बेटियां, कवि कुमार विश्वास ने पूछ डाला बड़ा सवाल

Daughters Skip Father Funeral: सोशल मीडिया पर इस वक्त एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें बेटी अपने पिता का अंतिम संस्कार वीडियो कॉल के जरिए देख रही है, अब इस मामले पर कुमार विश्वास का पोस्ट सामने आया है।
3 min read
Aug 07, 2026
Daughters Skip Father Funeral
कुमार विश्वास का पोस्ट ( फोटो सोर्स- Twitter@iNikhilsaini)

Daughters Skip Father Funeral: हरियाणा के सोनीपत से सामने आई एक घटना ने पारिवारिक रिश्तों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक बुजुर्ग पिता की मौत के बाद उनकी तीनों बेटियां अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचीं। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए पिता की अंतिम विदाई देखी। मामला सामने आने के बाद कवि कुमार विश्वास की प्रतिक्रिया भी चर्चा में है।

हरियाणा के सोनीपत से सामने आई बुजुर्ग पिता की मौत की कहानी ने लोगों को भावुक कर दिया है। वृद्धाश्रम में रह रहे कपड़ा कारोबारी शिवचरण रामरतन गुप्ता के निधन के बाद उनकी तीनों बेटियां अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंच सकीं। वृद्धाश्रम के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर उनका अंतिम संस्कार कराया। बेटियों ने दूर रहते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से पिता की अंतिम यात्रा देखी।

कुमार विश्वास की पोस्ट भी चर्चा में

मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आने के बाद कवि कुमार विश्वास की एक पोस्ट भी सामने आई। उन्होंने बेटियों की गैरमौजूदगी से जुड़े मामले पर तीखी टिप्पणी की। उनकी पोस्ट में समाज और नई पीढ़ी के व्यवहार को लेकर सवाल उठाने वाला अंदाज नजर आया। कुमार विश्वास ने एक्स पर पोस्ट करते हुए समाज की सोच पर सवाल उठाए।

हालांकि, इस घटना के पीछे बेटियों की व्यक्तिगत परिस्थितियां क्या थीं, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए केवल उपलब्ध जानकारी के आधार पर उनके फैसले के कारणों पर निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

पत्नी की मौत के बाद वृद्धाश्रम में अकेले रह रहे थे

जानकारी के मुताबिक, शिवचरण रामरतन गुप्ता मूल रूप से महाराष्ट्र और मुंबई से जुड़े थे और कपड़े का कारोबार करते थे। करीब डेढ़ से दो साल पहले वह अपनी पत्नी मीना गुप्ता के साथ सोनीपत के एक वृद्धाश्रम में रहने आए थे। बाद में उनकी पत्नी का निधन हो गया और इसके बाद वह वृद्धाश्रम में अकेले रह रहे थे।

बताया गया कि गुप्ता ने अपनी तीनों बेटियों को पढ़ाया-लिखाया और उन्हें अपने पैरों पर खड़ा किया। उनकी बेटियों में से दो के अध्यापिका होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, पिता के जीवन के अंतिम दौर में उनकी उनसे मुलाकात नहीं हो सकी।

बेटियों को पहले ही बता दी गई थी तबीयत खराब होने की बात

वृद्धाश्रम के संचालक आनंद कुमार के मुताबिक, शिवचरण गुप्ता काफी समय से बीमार चल रहे थे। उनकी बिगड़ती सेहत की जानकारी करीब 20 दिन पहले ही तीनों बेटियों को दे दी गई थी। इसके बावजूद वे उनसे मिलने वृद्धाश्रम नहीं पहुंचीं।

बताया गया कि गुप्ता के पास मोबाइल फोन रहता था और वह अपनी बेटियों से बातचीत किया करते थे। हालांकि, बीमारी बढ़ने के साथ बेटियों के फोन आने भी कम हो गए थे।

मौत के बाद भी बेटियों ने आने से किया इनकार

4 अगस्त की सुबह करीब साढ़े तीन बजे लंबी बीमारी के बाद शिवचरण गुप्ता का निधन हो गया। इसके बाद वृद्धाश्रम प्रबंधन ने उनकी तीनों बेटियों को पिता के निधन की जानकारी दी और अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आने को कहा।

संचालक के अनुसार, बेटियों से यह भी कहा गया कि अगर वे आ रही हैं तो अंतिम संस्कार को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है। लेकिन उन्होंने समय की कमी का हवाला देते हुए आने में असमर्थता जताई।

वीडियो कॉल पर देखा अंतिम संस्कार

बताया गया कि गुप्ता की तीनों बेटियां अलग-अलग जगहों पर रहती हैं। बड़ी बेटी नेपाल में अध्यापिका है, जबकि दूसरी बेटी उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और तीसरी मुंबई में रहती है। तीनों बेटियां पिता के अंतिम संस्कार में खुद मौजूद नहीं रहीं और वीडियो कॉल के जरिए अंतिम विदाई में शामिल हुईं।

रिपोर्ट के मुताबिक, बड़ी बेटी ने अंतिम संस्कार की व्यवस्था के लिए 5,100 रुपये ऑनलाइन भेजे। बेटियों की ओर से अंतिम संस्कार की रिकॉर्डिंग भेजने की बात भी कही गई। बाद में उन्होंने अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने की जिम्मेदारी भी वृद्धाश्रम प्रबंधन को देने की बात कही।

Updated on:
07 Aug 2026 01:06 pm
Published on:
07 Aug 2026 01:06 pm