
Gandhari Director Devashish Makhija: फिल्ममेकर देवाशीष मखीजा ने बॉलीवुड में अपने लंबे संघर्ष और आर्थिक तंगी के दौर को याद किया है। ‘गांधारी’ के डायरेक्टर ने बताया कि यशराज फिल्म्स (YRF) के साथ तीन फिल्मों की डील साइन करने के बावजूद उनका करियर उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ सका। हालात यहां तक पहुंच गए थे कि वह खुद को दिवालिया बता रहे थे और किराया देने में भी मुश्किल हो रही थी।
देवाशीष मखीजा ने बताया कि उन्होंने महज 27 साल की उम्र में आदित्य चोपड़ा के साथ तीन फिल्मों की डील साइन की थी। उन्हें उम्मीद थी कि इस डील के जरिए बॉलीवुड में उनके करियर को नई दिशा मिलेगी।
हालांकि, ‘रोडसाइड रोमियो’ के बॉक्स ऑफिस पर असफल होने के बाद उनका पहला प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया। इसके बाद YRF के साथ हुई उनकी तीन फिल्मों की डील भी आखिरकार आगे नहीं बढ़ सकी।
मखीजा के मुताबिक, इसके बाद उन्हें लंबे समय तक अपने करियर को लेकर अनिश्चितता का सामना करना पड़ा। कई सालों तक वह यह सोचते रहे कि आखिर उनके करियर का अगला कदम क्या होगा।
फिल्ममेकर ने अपनी आर्थिक स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि एक वक्त ऐसा भी आया जब वह “दिवालिया” हो गए थे। हालात इतने मुश्किल थे कि उनके लिए घर का किराया देना भी आसान नहीं था।
देवाशीष मखीजा ने अपनी फिल्म ‘जोरम’ को लेकर भी बात की। उन्होंने बताया कि फिल्म उनके लिए आर्थिक तौर पर बड़ा झटका साबित हुई। फिल्म की वजह से उन पर कर्ज और कानूनी मुश्किलें भी आईं, जिनसे वह अभी तक पूरी तरह बाहर नहीं निकल पाए हैं और उन्हें चुकाने की कोशिश कर रहे हैं।
देवाशीष मखीजा के संघर्ष की कहानी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों ने प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि पीआर के जरिए हर जगह आलिया भट्ट को घसीटने की कोशिश की जाती है, लेकिन वह इससे ज्यादा मजबूत हैं। हालांकि, यह टिप्पणी किस संदर्भ में की गई, यह स्पष्ट नहीं है। एक अन्य यूजर ने उनके लंबे संघर्ष को लेकर लिखा, "इतने साल क्या किया काम" वहीं एक दूसरे कमेंट में कहा गया कि समय कभी एक जैसा नहीं रहता।