
Kharaj Mukherjee Nepal Flood: भारी बारिश की वजह से शूटिंग और यात्रा के प्लान में रुकावट आने के बाद बंगाली एक्टर खराज मुखर्जी और उनकी पत्नी प्रतिभा मुखर्जी अभी नेपाल बाढ़ में फंसे हुए हैं। एक्टर के बेटे तमाघना मुखर्जी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करके कपल के बारे में जानकारी दी है और फैंस को भरोसा दिलाया है कि वो शुक्रवार को सुरक्षित भारत लौट आएंगे।
वीडियो में तमाघना ने बताया कि माता-पिता के बारे में पूछने वाले लोगों के कई कॉल और मैसेज मिलने के बाद वो यह अपडेट दे रहे हैं। उन्होंने कन्फर्म किया कि उनकी उनसे बात हुई है और वो खतरे से बाहर हैं। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता शूटिंग के लिए पोखरा गए थे, जो बाढ़ प्रभावित इलाकों से कुछ दूरी पर है। हालांकि, पोखरा में भारी बारिश ने उनकी फिल्म की शूटिंग और ट्रिप शेड्यूल पर असर डाला है।
उन्होंने कहा, "मेरे पिता का नाम खराज मुखर्जी है और मेरी मां का नाम प्रतिभा मुखर्जी है। वो दोनों शूटिंग के लिए नेपाल गए थे। मुझे उनके शुभचिंतकों और मीडिया से बहुत सारे कॉल आ रहे हैं। उन्हें शूटिंग पूरी करने के बाद 23 तारीख को लौटना था। लेकिन भारी बारिश के कारण शूटिंग में रुकावट आने से वो प्लान के मुताबिक नहीं लौट पाए। उनकी वापसी में देरी हुई है, लेकिन वो पूरी तरह सुरक्षित हैं। उनके कल सुबह, 28 अगस्त को कोलकाता पहुंचने की उम्मीद है।"
उन्होंने आगे कहा, "सच कहूं तो मुझे बहुत सारे मैसेज और टेक्स्ट मिल रहे थे, इसलिए मैंने यह वीडियो बनाने और सभी को यह बताने का फैसला किया कि चिंता की कोई बात नहीं है।"
PTI के अनुसार, खराज मुखर्जी और उनकी पत्नी 20 अगस्त को एक बांग्लादेशी फिल्म की प्रोडक्शन टीम के साथ नेपाल गए थे। बाद में इलाके में भारी बारिश के कारण उनके यात्रा के प्लान पर असर पड़ा।
जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि खराज मुखर्जी बंगाली सिनेमा का एक जाना-माना चेहरा हैं और कई बेहतरीन और लोकप्रिय फिल्मों का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 'एक्सीडेंट', 'मुक्तोधारा' और 'जातिश्वर' जैसी फिल्मों में काम किया है। उन्होंने हिंदी सिनेमा में कई अहम किरदार भी निभाए हैं, जिनमें 'कहानी', 'स्पेशल 26', 'द नेमसेक', 'युवा', 'परिणीता', 'लगा चुनरी में दाग' और 'लफंगे परिंदे' जैसी फिल्में शामिल हैं।
बुधवार को हिमालय के ऊंचे इलाकों में ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटकर गिर गया, जिससे नेपाल-तिब्बत सीमा पर भयानक बाढ़ आ गई। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल के भोटेकोशी और त्रिशूली नदी इलाकों में जबरदस्त बाढ़ और भूस्खलन के कारण कम से कम 472 लोगों की मौत हो गई है और 1,400 लोग अभी भी लापता हैं।