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‘हर किसी का बिहार एक जैसा नहीं’, जमुई कांड पर बयान वायरल होने के बाद लेखक नीरज पांडे ने मैथिली ठाकुर को लिखा ओपन लेटर

Neeraj Pandey On Maithali Thakur: लेखक नीरज पांडे ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए लोक गायिका और विधायक मैथिली ठाकुर को ओपन लेटर लिखा है। उन्होंने जमुई कांड पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि हर किसी का बिहार एक जैसा नहीं होता।
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Sep 24, 2026
Neeraj Pandey Open Letter
नीरज पांडे (फोटो सोर्स- Twitter/ANI)

Neeraj Pandey Open Letter: बिहार के जमुई में दो नाबालिगों के साथ हुई कथित मारपीट और उत्पीड़न की घटना के बाद देशभर में चर्चा हो रही है। इसी बीच गीतकार और लेखक नीरज पांडे ने लोक गायिका और बीजेपी नेता मैथिली ठाकुर को संबोधित करते हुए एक खुला पत्र लिखा है। पांडे ने बिहार में सुरक्षा को लेकर सामने आए मैथिली के पुराने बयान के संदर्भ में कहा कि किसी एक व्यक्ति का अनुभव पूरे राज्य की तस्वीर नहीं बता सकता।

नीरज पांडे ने क्यों लिखा खुला पत्र?

नीरज पांडे ने सोशल मीडिया पर कई स्लाइड वाला पोस्ट शेयर कर अपनी बात रखी। उन्होंने अपने बचपन का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार में रहते हुए उनका अनुभव हमेशा सुरक्षित महसूस करने वाला नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि पुरुष होने और अन्य सामाजिक सुविधाएं होने के बावजूद उनके निजी दायरे का उल्लंघन कई बार हुआ।

पांडे ने लिखा कि किसी व्यक्ति को अपने घर या राज्य में सुरक्षा का अनुभव होता है, यह अच्छी बात है, लेकिन उसी अनुभव को वहां रहने वाले हर व्यक्ति की वास्तविकता नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक, सुरक्षा की असली तस्वीर उन लोगों से पूछी जानी चाहिए जो ऐसी परिस्थितियों का सामना करते हैं।

‘हर किसी का बिहार एक जैसा नहीं’

पांडे ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया कि किसी राज्य के बारे में राय बनाते समय अलग-अलग लोगों के अनुभवों को सुनना जरूरी है। उन्होंने जमुई की घटना का सामना करने वाली नाबालिग से लेकर दूसरी लड़कियों के अनुभवों को भी समझने की बात कही।

मैथली ठाकुर का वायरल पोस्ट

उन्होंने यह भी लिखा कि जन्मभूमि से किसी व्यक्ति का रिश्ता सिर्फ अच्छी यादों तक सीमित नहीं होता। कई लोगों के लिए अपना घर और शहर सुखद यादों के साथ-साथ दर्दनाक अनुभवों का हिस्सा भी हो सकता है। पांडे ने संकेत दिया कि वह अपने बिहार से जुड़े अनुभवों को भविष्य में विस्तार से लिख सकते हैं।

वायरल वीडियो को लेकर भी सामने आई सच्चाई

मैथिली ठाकुर के जिस बयान को जमुई की घटना के बाद का बताकर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था, उसके बारे में फैक्ट-चेक में अलग जानकारी सामने आई है। फैक्ट चेक के मुताबिक, वायरल वीडियो अप्रैल 2026 का है और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान रिकॉर्ड किया गया था। यह वीडियो 19 सितंबर को हुई जमुई की घटना के कई महीने पहले का है।

रिपोर्ट के अनुसार, उस समय मैथिली से बिहार और उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर किए गए सवाल पर उनकी प्रतिक्रिया ली गई थी। वहीं, जमुई की घटना के बाद मैथिली ने अलग से इस वारदात को निंदनीय और शर्मनाक बताया था।

क्या हुआ था जमुई में?

19 सितंबर की शाम जमुई में कक्षा 10 में पढ़ने वाले एक नाबालिग लड़के और लड़की को कुछ लोगों ने रास्ते में रोक लिया था। दोनों एक कोचिंग संस्थान से जुड़े थे। पुलिस के मुताबिक, उनके साथ कथित तौर पर मारपीट और उत्पीड़न किया गया और घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर फैल गया। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई।

पुलिस ने मुख्य आरोपी बताए गए नंदन यादव को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। घटना के वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई और करीब 120 प्रोफाइल के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।

इस पूरे मामले के बीच नीरज पांडे का खुला पत्र बिहार में सुरक्षा, व्यक्तिगत अनुभव और समाज में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार को लेकर चल रही बहस में एक नई आवाज के तौर पर सामने आया है। वहीं वायरल वीडियो के पुराने होने की पुष्टि यह भी बताती है कि जमुई मामले से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित हर दावे को सही मानने से पहले उसकी तथ्य-जांच जरूरी है।

Updated on:
24 Sept 2026 10:56 am
Published on:
24 Sept 2026 10:56 am