
Prakash Raj Lashes On Voter List Row: अभिनेता प्रकाश राज अपने बेबाक बयानों के लिए जाने जाते हैं। सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर वह अक्सर खुलकर अपनी राय रखते हैं। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर भी उनका एक बयान चर्चा में है। मीडिया से बातचीत के दौरान प्रकाश राज ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका एक वोट छीना जा सकता है, लेकिन वो कई लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर भी एक पोस्ट के जरिए सरकार पर तंज कसा।
मीडिया से बातचीत में प्रकाश राज ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि क्या उसमें उनका वोट छीनने की हिम्मत है। उन्होंने कहा कि अभी उनके पास वोट डालने के लिए दो साल का समय है। इसके बाद उन्होंने दावा किया कि भले ही उनका एक वोट उनसे ले लिया जाए, लेकिन वो सरकार को सत्ता से हटाने के लिए कई अन्य लोगों को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं।
प्रकाश राज के इस बयान को मौजूदा राजनीतिक माहौल और मतदाता सूची से जुड़े विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। अभिनेता का कहना है कि वह अपने लोकतांत्रिक अधिकार को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं।
प्रकाश राज ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सोशल मीडिया पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। हालांकि, इस पोस्ट में भी उन्होंने सरकार पर सीधे नाम लिए बिना निशाना साधा। उन्होंने अपनी पोस्ट में आने वाली पीढ़ी और युवाओं की ताकत का जिक्र करते हुए सत्ता में बैठे लोगों को लेकर व्यंग्य किया।
उनकी पोस्ट में ‘56 इंच’ का भी जिक्र था, जिसे भारतीय राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि से जोड़कर देखा जाता है। प्रकाश राज पहले भी केंद्र सरकार की नीतियों और राजनीतिक फैसलों पर अपनी असहमति जाहिर करते रहे हैं।
प्रकाश राज का यह बयान उस विवाद के बीच आया है, जिसमें उन्होंने बेंगलुरु की मतदाता सूची में अपने नाम को लेकर सवाल उठाए थे। अभिनेता ने दावा किया था कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की स्थिति सामने आई।
प्रकाश राज ने कहा था कि अधिकारियों की ओर से उन्हें अलग-अलग जानकारी मिली और जब उन्होंने इस मामले को सार्वजनिक किया तो संबंधित अधिकारियों ने उनसे संपर्क किया। उन्होंने चुनाव व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और अपने मामले में पारदर्शिता की मांग की।
हालांकि, प्रकाश राज के आरोपों पर बीजेपी कर्नाटक की ओर से अलग पक्ष सामने रखा गया। बीजेपी ने बेंगलुरु सेंट्रल सिटी कॉरपोरेशन की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण का हवाला देते हुए कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान डेटा फ्रीज किए जाने के समय प्रकाश राज का नाम मतदाता सूची में मौजूद था।
बीजेपी के मुताबिक, बाद में बूथ लेवल ऑफिसर की जांच में यह जानकारी सामने आई कि प्रकाश राज अपने पंजीकृत पते से कहीं और चले गए थे। ऐसे में इस पूरे मामले को लेकर अभिनेता के दावे और प्रशासन की ओर से दिए गए स्पष्टीकरण अलग-अलग हैं।
प्रकाश राज लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर मुखर रहे हैं। फिल्मों में अपनी अलग पहचान बनाने वाले अभिनेता कई बार सरकार की नीतियों और राजनीतिक मुद्दों पर सवाल उठाते दिखाई दिए हैं। अब स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनका ताजा बयान एक बार फिर सुर्खियों में है। उनके बयान और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है।