
Prakash Raj On PM Modi: अभिनेता प्रकाश राज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘दिमागी नक्सल’ वाली टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद उनके पोस्ट पर यूजर्स के बीच तीखी बहस देखने को मिली। जहां प्रकाश राज ने सरकार से सवाल पूछने और असहमति जताने वालों के समर्थन में अपनी बात रखी, वहीं उनके पोस्ट के कमेंट सेक्शन में कई यूजर्स ने उन्हें ही निशाने पर ले लिया। कुछ लोगों ने उनसे अलग-अलग राज्यों में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सवाल किए, जबकि कुछ ने उनके बयान पर व्यंग्य करते हुए तीखी टिप्पणियां कीं।
प्रकाश राज ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कथित तौर पर सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने वाले कुछ लोगों को ‘दिमागी नक्सल’ कहे जाने का जिक्र था। अभिनेता ने इसे लेकर सरकार से जवाबदेही की मांग करने वालों के पक्ष में अपनी राय रखी। उन्होंने सरकारी स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की कमी और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं जैसे मुद्दों का भी जिक्र किया। प्रकाश राज ने लोगों से अपील की कि वे किसी भी मुद्दे पर सवाल पूछने से पीछे न हटें। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का सिलसिला शुरू हो गया।
एक यूजर ने प्रकाश राज के पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए सवाल किया कि उन्हें सिर्फ दिल्ली के छात्र ही क्यों दिखाई देते हैं। यूजर ने झारखंड में छात्रों से जुड़े विरोध और उनकी मांगों का जिक्र करते हुए पूछा कि उन छात्रों के मुद्दे पर समर्थन क्यों नहीं दिखाई देता।
कमेंट में यह भी कहा गया कि अगर किसी छात्र की समस्या सरकार या विपक्ष को गाली देने से जुड़ी नहीं है, तो भी उसकी आवाज सुनी जानी चाहिए। इस यूजर ने प्रकाश राज से सीधे सवाल किया कि क्या उनके पास इसका कोई जवाब है।
वहीं, एक अन्य यूजर ने प्रकाश राज के बयान पर तंज कसते हुए लिखा कि लोगों को गाली देने, बदतमीजी करने, सड़क पर शराब पीने और अराजकता फैलाने की छूट दे दी जाए। इस टिप्पणी के जरिए यूजर ने अभिनेता के रुख पर व्यंग्य करने की कोशिश की।
एक दूसरे यूजर ने ‘दिमागी नक्सल’ शब्द पर ही कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर ‘दिमागी’ होने का मतलब सवाल पूछना है तो कई राज्यों और छात्रों से जुड़े दूसरे मुद्दे भी नजर आने चाहिए। कमेंट में झारखंड, केरल, पंजाब और NEET से जुड़े मुद्दों का उल्लेख भी किया गया।
प्रकाश राज की टिप्पणी पर सोशल मीडिया यूजर्स की राय एक जैसी नहीं रही। कुछ लोगों ने उनके सवालों का समर्थन किया, जबकि कई यूजर्स ने उनसे दूसरे राज्यों और अलग-अलग छात्र आंदोलनों को लेकर सवाल किए। इस तरह अभिनेता के पोस्ट का कमेंट सेक्शन राजनीतिक बहस का अखाड़ा बन गया।
गौरतलब है कि प्रकाश राज इससे पहले भी सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी बेबाक राय रखते रहे हैं। वहीं, उनके राजनीतिक बयानों पर अक्सर सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से समर्थन और विरोध, दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलती हैं।