
Purav Jha controversy: सोशल मीडिया क्रिएटर पूरव झा इन दिनों झारखंड में चल रहे स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर चर्चा में हैं। रांची में JPSC-JSSC छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बीच सोशल मीडिया यूजर्स ने पूरव झा के दिल्ली में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट को लेकर पुराने रिएक्शन की तुलना मौजूदा हालात से की है। इसी तुलना को लेकर ऑनलाइन बहस तेज हो गई है।
झारखंड में बड़ी संख्या में JPSC-JSSC अभ्यर्थी भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर सुधार की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने झारखंड विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
झारखंड के प्रदर्शन के बाद कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने पूरव झा के दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन को लेकर उनके पुराने रुख और प्रतिक्रिया को सामने रखा। यूजर्स का सवाल है कि अलग-अलग राज्यों में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान स्टार्स और सोशल मीडिया से जुड़े लोगों का रुख एक जैसा क्यों नहीं दिखाई देता।
हालांकि, दिल्ली और झारखंड के दोनों प्रदर्शनों की परिस्थितियां, प्रदर्शनकारी और मुद्दे अलग रहे हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर की जा रही तुलना को सीधे तौर पर दोनों घटनाओं को एक जैसा बताने के बजाय ऑनलाइन बहस और राजनीतिक टिप्पणी के तौर पर देखा जा रहा है।
इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर पूरव झा को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने उन्हें टैग करते हुए लिखा, 'ये देखो पूरव झा कैसे बचा रहा है।' एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा कि अगर खुद के पैरों पर खुद ही कुल्हाड़ी मारनी हो तो अब ये भी देखना पड़ेगा। तो वहीं दूसरी यूजर ने लिखा, 'बेचारे को गुस्से में माना है।' एक अन्य कमेंट में पूरव झा को दिल्ली और झारखंड के मुद्दों पर एक जैसा रुख अपनाने की बात कहते हुए लिखा, 'तू देश बदल नहीं सकता, तेरे से हो भी नहीं पाएगा देश बदल, लेकिन दिल्ली में बोला तो झारखंड पर भी बोल।’सोशल मीडिया पर चल रही ये बहस फिलहाल पूरव झा के पुराने रिएक्शन और झारखंड के मौजूदा छात्र आंदोलन की तुलना के इर्द-गिर्द केंद्रित है।
इसी कार्रवाई के बाद छात्र आंदोलन सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गया और पूरव झा को लेकर उनके पुराने रिएक्शन की तुलना की जाने लगी।