
बॉलीवुड में एक बार फिर अंडरवर्ल्ड का शोर है और फिल्मी दुनिया इन दिनों खौफ के साये में लग रही है। कहा जा रहा है, तुषार कपूर से पांच करोड़ की फिरौती मांगी गई है। इससे पहले रणवीर सिंह के पास भी कथित रूप से फिरौती की कॉल आ चुकी है। पिछले दिनों टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग हुई। इसके बाद अमिताभ बच्चन अपने बंगले में भी फैंस को 'दर्शन' देने निकले तो बुललेटप्रूफ शीशे के पीछे नजर आए। इससे पहले सलमान खान के घर के पास भी फायरिंग की वारदात हो चुकी है। बताया जाता है कि टाइगर पर हमला करने वालों ने तो कथित रूप से साफ धमकी भी दी, 'फिल्म जगत में जो भी हमें भरोसे में लिए बिना या सलमान खान के साथ काम करेगा, मार डाला जाएगा।'
अमिताभ बच्चन के बुलेटप्रूफ शीशे के पीछे से फैंस के सामने आने पर विवाद भी खड़ा हो गया। इसे कई लोग बॉलीवुड सेलेब्स के बीच असुरक्षा बढ़ने के सबूत के रूप में देखने लगे।
इस पर राजनीतिक बयानबाजी भी होने लगी।
विवाद और राजनीतिक बातों को अलग कर देखें तो यह तथ्य है कि बीते करीब चार सालों में बॉलीवुड के कई सेलेब्स को निशाना बनाया गया है।मुंबई में सलमान खान और रोहित शेट्टी के घर के पास फायरिंग की जा चुकी है। दिशा पाटनी के घर को भी निशाना बनाया गया है। और तो और, देश से दूर, कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर भी तीन बार हमले हो चुके हैं।
ऐसे में बॉलीवुड में खौफ का पसर जाना स्वाभाविक ही है। एक समय ऐसा था जब अंडरवर्ल्ड का एक तरह से बॉलीवुड पर राज था। फिल्मी दुनिया से जुड़े लोग उसकी कमाई का एक बड़ा जरिया था। उन पर उनका पूरा नियंत्रण भी रहता था। 'डोगरी टु दुबई: सिक्स डेकेड्स ऑफ द मुंबई माफिया' नाम की किताब में एस. हुसैन जैदी ने ऐसी कई घटनाओं का जिक्र किया है।
दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील, अबु सलेम जैसे डॉन अंडरवर्ल्ड को अपने इशारों पर नाचते थे। जो उनकी बात नहीं सुनता था, उसे खत्म ही कर दिया जाता था। 'कैसेट किंग' कहे जाने वाले गुलशन कुमार की हत्या इसी का नतीजा थी।
जैदी लिखते हैं कि अबु सलेम ने गुलशन कुमार से हर महीने पांच लाख रुपये की मांग रखी थी। कुमार ने इंकार कर दिया और कहा कि यह पैसा वह माता वैष्णो देवी के भंडारे में देंगे, किसी गुंडे को नहीं। इसी बात पर सलेम ने कसम खाई कि गुलशन कुमार को मंदिर के सामने ही मारेगा। 12 अगस्त, 1997 को उसने यह कसम पूरी कर ली। (उसने गुलशन कुमार को कैसे मरवाया, पूरी कहानी यहां पढ़ सकते हैं)
मुंबई पुलिस आयुक्त रहे डी. श्रीनिवासन के मुताबिक अकेले 1998 में मुंबई में 101 रईसों की हत्या हुई थी। 1999 में एक नया कानून लाया गया, जिसके बाद 2500 अवैध हथियार जब्त किए गए और पुलिस फोर्स ने खुफियागीरी बढ़ाते हुए बड़ी संख्या में अपराधियों को अहतियातन हिरासत में भी लिया। लेकिन, अंडरवर्ल्ड पर लगाम फिर भी नहीं लगी।
2000 में ऋतिक रोशन के पिता राकेश रोशन पर गोली चलाई गई थी। रोशन को गोली लग भी गई थी। खुशकिस्मती से उनकी जान बच गई।
उन दिनों दाऊद, सलेम जैसे डॉन ने जैसा खौफ पैदा कर लिया था, वैसा करना आज के समय आसान तो नहीं रह गया है, पर पुलिस-प्रशासन के लिए चुनौती छोटी नहीं है। तब भी नहीं, जब ताजा हमलों और फिरौती मांगने के ज़्यादातर मामलों में एक ही गिरोह का हाथ माना जा रहा है। यह गिरोह लॉरेंस बिश्नोई का बताया जाता है। वह जेल में बंद है और वहीं से गैंग चला व बढ़ा रहा है। बताते हैं, वह गैंग में गुर्गों या शूटर्स की भर्ती ऑनलाइन करता है। उसने अपने जाल विदेश तक फैला रखे हैं। सितंबर 2025 में कनाडा सरकार ने बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन करार दिया था। हाल में अमेरिका की एफ़बीआई ने भी सतिन्दरजीत सिंह (गोल्डी बरार) को दस मोस्ट वांटेड में से एक क्रिमिनल घोषित किया है। उसके बारे में जानकारी देने पर दस लाख डॉलर ईनाम की भी घोषणा की गई है।