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‘मैंने बड़े स्टार्स पर भी चिल्लाते देखा है’, रजा मुराद ने बताया संजय लीला भंसाली और राज कपूर में क्या है कॉमन

Raza Murad Sanjay Leela Bhansali: वेटरन एक्टर रजा मुराद ने बॉलीवुड डायरेक्टर संजय लीला भंसाली और राज कपूर को 'परफेक्शनिस्ट' बताया। एक्टर ने कहा उन्होंने काम के चलते दोनों को एक्टर्स को डांटते हुए देखा है।
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Oct 06, 2026
Raza Murad on Sanjay Leela Bhansali and Raj Kapoor
राज कपूर, रजा मुराद और संजय लीला भंसाली की फोटोज। (फोटो सोर्स: IMDb)

Raza Murad on Sanjay Leela Bhansali and Raj Kapoor: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता रजा मुराद ने फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली और दिग्गज एक्टर-डायरेक्टर राज कपूर के काम करने के तरीके की तुलना की है। विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों निर्देशक परफेक्शनिस्ट हैं, जो जिनको अच्छी तरह पता होता है कि अपनी मर्जी का काम कैसे निकलवाना है। भंसाली के गुस्से की चर्चाओं पर रजा ने कहा कि वह उन्हें बड़े सितारों पर भी नाराज होते देख चुके हैं। हालांकि, उनका यह गुस्सा पर्सनल नहीं, बल्कि काम से जुड़ा होता था।

संजय लीला भंसाली हर चीज को परफेक्ट करना चाहते हैं

इंटरव्यू के दौरान, अभिनेता ने भंसाली के मूडी होने और गुस्सा करने की खबरों पर खुलकर बात की और बताया कि भंसाली शुरू से गुस्सा नहीं करते। उन्होंने कहा, "देखिए, गुस्से की बात करें तो जब बार-बार समझाने के बाद भी कोई उनकी बात नहीं समझ पाता, तब उनका धैर्य टूटता है। रजा ने कहा कि हर इंसान का अपना स्वभाव होता है, और वह गुस्सा पर्सनल नहीं होता, बल्कि काम से जुड़ा होता है क्योंकि काम ठीक से नहीं हो रहा होता। इसलिए, अगर उन्हें गुस्सा आता है तो ठीक है। और ऐसा भी नहीं है कि वे सिर्फ असिस्टेंट्स पर ही गुस्सा करते हैं। मैंने उन्हें बड़े स्टार्स पर भी चिल्लाते हुए देखा है।"

'समय, पैसा, शिफ्ट की परवाह नहीं'

राज कपूर और भंसाली की एक कॉमन बात बताते हुए रजा ने कहा कि दोनों काम में किसी भी तरह का समझौता नहीं करते। इन निर्देशकों के लिए समय, शिफ्ट, पैसा, सेट और तारीखें सबसे कम अहमियत रखती थीं। चार दिन की जगह आठ दिन लग जाएं, तो भी चलेगा। सेट पर वे काम करने के इरादे से आते थे। आगे राजा मुराद ने कहा कि उनको यह अनुभव राज साहब और भंसाली दोनों के साथ हुआ।

'प्रेम रोग' में राज कपूर ने बेटों की भी नहीं सुनी

साल 1982 की फिल्म 'प्रेम रोग' की शूटिंग के अपने पहले दिन को याद करते हुए रजा मुराद ने कहा, "जब मैं पहली बार राज साहब के साथ 'प्रेम रोग' में काम कर रहा था, तो वह मेरा पहला दिन था। उनके सामने मेरी क्या बिसात थी! उनके बेटों के कड़े विरोध के बावजूद, उनका कहना था कि मैं इस रोल के लिए सही नहीं रहूंगा और मैं एक छोटा-मोटा एक्टर हूं, तब राज साहब ने कहा, 'अगर कोई यह रोल करेगा, तो रजा साहब ही करेंगे।' उन्होंने सेट पर मुझे सबसे ऐसे मिलवाया जैसे मैं कोई हेड ऑफ स्टेट हूं।"

भंसाली ने भी किया वैसा ही सम्मान

रजा के मुताबिक, भंसाली के सेट पर पहले दिन भी ऐसा ही हुआ। भंसाली ने पूरी यूनिट को बुलाकर परिचय कराया कि रजा साहब उनके साथ काम कर रहे हैं। रजा ने कहा कि दोनों निर्देशकों ने उन्हें बहुत इज़्ज़त और अहमियत दी।

इसके बाद रजा मुराद ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार 'देवदास' के फिल्ममेकर के साथ काम किया, तो "संजय लीला भंसाली के साथ भी ऐसा ही हुआ, जब मैं पहली बार उनके सेट पर गया, तो उन्होंने भी अपनी पूरी यूनिट को बुलाया और उनसे मेरा परिचय कराते हुए कहा, 'रजा साहब हमारे साथ काम कर रहे हैं।' तो, ये बात राज कपूर और संजय लीला भंसाली में एक जैसी थी। उन्होंने मुझे बहुत सम्मान और महत्व दिया।"

'हीरोइनों पर बरसते थे राज कपूर'

रजा ने बताया कि राज कपूर हीरोइनों पर भी नाराज होते थे। उन्होंने कहा कि कलाकार बेहद संवेदनशील होते हैं, लेकिन निर्देशक जानते हैं कि उनसे काम कैसे निकलवाना है। रजा के मुताबिक, राज साहब बुज़ुर्गों की तरह डांटते थे, लेकिन उन्होंने कभी किसी हीरोइन को इस बात का बुरा मानते नहीं देखा। वे कड़वे शब्द सुनतीं और बेहतर काम करके दिखाती थीं। रजा ने खुलासा किया कि उन्होंने प्रेम रोग के सेट पर पद्मिनी कोल्हापुरे और राम तेरी गंगा मैली (1985) की शूटिंग के दौरान मंदाकिनी पर राज कपूर को गुस्सा होते देखा था। .

फिल्म रिलीज से पहले राज कपूर बीमार पड़ जाते थे

रज़ा ने आगे बताया कि कैसे अपनी फिल्मों की रिलीज़ से पहले राज कपूर बीमार पड़ जाते थे। एक्टर ने कहा, "मैंने राज कपूर साहब को दो बार बीमार पड़ते देखा है, मैंने उनके चेहरे को किसी भी फिल्म की रिलीज से पहले पीला पड़ते देखा है, और जैसे ही फिल्म हिट घोषित होती, वे ठीक हो जाते थे। उन्हें RK बैनर की बहुत चिंता रहती थी, 'राज कपूर की फिल्म है'।

'मेरा नाम जोकर' की असफलता पर

मेरा नाम जोकर का पोस्टर। (फोटो सोर्स: IMDb)

'मेरा नाम जोकर' की रिलीज के बाद राज कपूर की हालत के बारे में बात करते हुए अभिनेता ने कहा, "वे इसे लेकर बहुत परेशान थे। वे इस सच्चाई को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई है, क्योंकि 'संगम' भी बहुत लंबी फिल्म थी, उसमें दो इंटरवल थे। लेकिन, समय बदल गया था, लोगों की सोच भी बदल गई थी, और उन्हें लगा कि शायद उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी बना दी है। वह फिल्म एक मास्टरपीस है, लेकिन ऐसा हो जाता है।"

Updated on:
06 Oct 2026 07:45 pm
Published on:
06 Oct 2026 07:45 pm