Shakti Mohan Choreographer: डांस रियलिटी शो में अपनी दमदार परफॉर्मेंस के लिए जाने वाली शक्ति मोहन ने हाल ही में एक किसिंग सीन को लेकर चुप्पी तोड़ी और कहा कि वे कलाकारों के प्रोफेशनलिज्म को समझें और बिना किसी अफवाह के काम की सराहना करें।
Shakti Mohan Choreographer: डांस रियलिटी शो 'डांस प्लस' को जिन लोगों ने देखा है, उनके दिमाग में शक्ति मोहन और राघव जुयाल की जोड़ी आज भी जरूर याद होगी। मंच पर दोनों के बीच की नोंकझोंक, राघव का शक्ति को चिढ़ाना और वो प्यार भरे मोमेंट्स, जो दर्शकों को सच लगता था। बता दें, अब सालों बाद शक्ति मोहन ने एक इंटरव्यू में वो राज खोला जो शायद कई फैंस सुनना नहीं चाहते थे और कईयो को झूठ लगेगा।
शक्ति मोहन ने यूट्यूबर सिद्धार्थ कनन के साथ बातचीत में बताया कि शो शुरू होने से पहले राघव के साथ उनका रिश्ता एक सामान्य दोस्ती था और दोनों के बीच भाई-बहन जैसी नोंकझोंक थी, न कि कोई रोमांटिक। शो में जो रोमांटिक एंगल दिखा था, वो मेकर्स की स्क्रिप्ट का हिस्सा था, असल जिंदगी का नहीं।
इतना ही नहीं, शक्ति ने एक ऐसे वाकये का जिक्र किया जिसने उन्हें सबसे ज्यादा परेशान किया। शो में एक 'किस' का सीन तय किया गया था, जिसकी उन्हें पहले से कोई खबर या जानकारी नहीं दी गई थी। उनके माता-पिता उस समय सामने बैठे थे और उनके सामने ये सब करना शक्ति के लिए बेहद असहज था। उन्होंने कहा कि उस दिन की तकलीफ आज भी उनके चेहरे पर उस पुराने फुटेज में साफ दिखती है। साथ ही, शो के महागुरु रेमो डिसूजा ने भी उन्हें इस स्क्रिप्ट के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा था, जिससे वो काफी असहज महसुस कर रही थी।
इस स्क्रिप्टेड रोमांस का असर सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहा। शक्ति के पिता इस बात से नाराज थे कि उनकी बेटी को शो में इस तरह पेश किया जा रहा है और उन्होंने मेकर्स से सवाल भी किए। आज भी हालत ये है कि रिश्तेदार शक्ति की मां से पूछते रहते हैं कि राघव और शक्ति की शादी कब हो रही है।
दरअसल, इतना सब बताने के बाद भी शक्ति मोहन के मन में किसी के प्रति कोई गिला नहीं है। वो समझती हैं कि टीआरपी और दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखने के लिए मनोरंजन की दुनिया में ऐसा होता रहता है। उनके मुताबिक न उन्होंने और न ही राघव ने उस रोमांस को कभी दिल से लिया। दोनों के लिए ये सिर्फ शो का एक हिस्सा था। शक्ति का ये खुलासा रियलिटी टीवी की उस चमकदार दुनिया के पीछे की हकीकत को सामने लाता है, जहां अक्सर जो दिखता है वो होता नहीं, और जो होता है वो दिखता नहीं।