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‘आज खाने पर सवाल उठा रहे हो, कल देश के खोखलेपन पर उठाओगे’, शेखर सुमन ने हॉस्टल के खाने पर कसा तंज

Shekhar Suman viral video: शेखर सुमन ने यूपी के हॉस्टल में खाने में कीड़ा मिलने और सीतापुर के मिड-डे मील मामले पर अपने सटायरिकल अंदाज में तंज कसा। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी प्रतिक्रिया दी।
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Aug 25, 2026
Shekhar Suman UP hostel food incident
शेखर सुमन ने हॉस्टल के खाने पर किया कटाक्ष (सोर्स: instagram-Shekhartonite)

Shekhar Suman statement: शेखर सुमन अपने सटायरिकल अंदाज के लिए जाने जाते हैं और इस बार उन्होंने हॉस्टल के खाने से लेकर सरकारी व्यवस्था तक पर तीखा कटाक्ष किया है। अपने शो में उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक स्कूल हॉस्टल में खाने में कीड़ा मिलने के बाद छात्रों के प्रदर्शन और भूख हड़ताल का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने सीतापुर में मिड-डे मील में सब्जी के नाम पर सिर्फ पानी परोसे जाने वाली घटना को भी अपने व्यंग्य का हिस्सा बनाया।

हॉस्टल के खाने पर छात्रों के प्रदर्शन पर कसा तंज

शेखर सुमन ने कहा कि उत्तर प्रदेश के एक स्कूल के हॉस्टल में खाने में कीड़ा मिलने के बाद छात्रों ने प्रदर्शन किया, भूख हड़ताल की और हॉस्टल में ताला लगा दिया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर बच्चे हर बार खराब खाने पर सवाल पूछने लगेंगे, तो उन जिम्मेदार लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो जाएगी जो आराम से खाना खा रहे हैं। उन्होंने यह भी तंज कसा कि अगर हर शिकायत पर सीधे कार्रवाई होने लगेगी तो फिर कमेटियां क्या करेंगी।

शेखर ने आगे कहा कि आज बच्चे खाने पर सवाल उठा रहे हैं, कल स्कूल पर सवाल उठाएंगे और उसके बाद देश की व्यवस्था पर सवाल उठाने लगेंगे। उन्होंने इसे अपने सटायरिकल अंदाज में ‘देश की शांति भंग करने के मंसूबे’ बताया।

‘सोशल मीडिया की जगह मेनस्ट्रीम मीडिया आ गया तो’

अपने व्यंग्य को आगे बढ़ाते हुए शेखर सुमन ने कहा कि अगर सोशल मीडिया की जगह मेनस्ट्रीम मीडिया बच्चों तक पहुंच गया तो उन्हें तुरंत पता चल जाएगा कि वे किस ‘आईएसआई के एजेंट’ हैं। ये टिप्पणी उन्होंने व्यवस्था पर तंज कसते हुए कही। उनके पूरे सेगमेंट में खराब सरकारी सुविधाओं और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर व्यंग्य देखने को मिला।

शेखर सुमन ने उत्तर प्रदेश के सीतापुर में मिड-डे मील को लेकर सामने आई घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वहां सब्जी के नाम पर सिर्फ पानी परोसे जाने की बात सामने आई। इस पर उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि देश में पारदर्शिता की इतनी मांग थी कि स्कूल ने उसे ‘लिटरली’ लागू कर दिया। उन्होंने यह भी मजाकिया अंदाज में कहा कि शायद बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए सब्जी में पानी मिलाया गया हो।

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी दिए रिएक्शन

शेखर सुमन के इस सेगमेंट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा कि ‘वंदे मातरम्’ के नाम पर मुद्दों से ध्यान नहीं भटकाना चाहिए और सरकार को जनता को नए-नए टास्क देने से पहले अपने असली टास्क पूरे करने चाहिए। एक अन्य यूजर ने विज्ञापन बजट को लेकर तंज कसा और लिखा कि ‘2.5 करोड़ पर डे एडवरटाइजिंग का बजट कहीं से तो पूरा किया जाएगा।’

वहीं, एक यूजर ने शेखर सुमन की बेबाकी की तारीफ करते हुए लिखा कि वह इतनी बेबाकी से ‘भंडाफोड़’ कैसे कर लेते हैं और पूछा कि कहीं उनका ‘पिच साब’ उनसे हाथ धोकर न लग जाए। शेखर सुमन का यह सेगमेंट सोशल मीडिया पर चर्चा में है, जहां यूजर्स उनके व्यंग्य और सरकार से जुड़े मुद्दों पर किए गए कटाक्ष पर अपनी राय दे रहे हैं।

Updated on:
25 Aug 2026 01:16 pm
Published on:
25 Aug 2026 01:16 pm