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‘जौहर वाला कल्चर महिलाओं का कायराना कदम’, स्वरा भास्कर के पुराने दौर को लेकर दिए बयान पर श्रिया पिलगांवकर ने कही ये बात

Shriya Pilgaonkar Statement: श्रिया पिलगांवकर ने स्वरा भास्कर के जौहर वाले बयान पर अपनी राय रखी। उन्होंने पुराने दौर की सोच को आज के नजरिए से जज करने और स्वीटी को दोष देने वाली मानसिकता पर सवाल उठाए।
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Updated: 5 Sep 2026, 1:03 PM IST
Shriya Pilgaonkar interview
स्वरा भास्कर के बयान पर श्रिया पिलगांवकर ने कही ये बात ( सोर्स: Instagram- filmygyan/x-@jaganmitthya)

Shriya Pilgaonkar Mirzapur: एक्ट्रेस श्रिया पिलगांवकर ने जौहर प्रथा को लेकर स्वरा भास्कर के पुराने बयान पर अपनी राय रखी है। फिल्मी ज्ञान को दिए एक इंटरव्यू में श्रिया ने कहा कि आज के समय में बैठकर सैकड़ों या हजारों साल पुराने सांस्कृतिक संदर्भों में रहने वाले लोगों की सोच को जज करना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि हर संस्कृति समय, परिस्थितियों और इंसानी जीवन की स्थिति के साथ बदलती है।

स्वरा भास्कर के बयान पर क्या बोलीं श्रिया?

इंटरव्यू में श्रिया ने स्वरा भास्कर के उस बयान का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने जौहर की प्रथा को महिलाओं द्वारा किया गया ‘कायराना कदम’ बताया था। इस पर श्रिया ने कहा कि 2026 में बैठकर 200, 500 या 1000 साल पुराने दौर को आज के नजरिए से देखना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि उस समय के लोगों की भावनाएं क्या थीं, उनकी क्या मान्यताएं थीं, वे क्या करना चाहते थे और किन परिस्थितियों या दबावों से गुजर रहे थे, यह समझना जरूरी है। उनके मुताबिक, किसी अलग दौर के लोगों की मानसिकता को आज के नजरिए से सीधे जज नहीं किया जा सकता। श्रिया ने कहा कि हर संस्कृति समय के साथ विकसित होती है। परिस्थितियां, हालात और इंसानी जीवन की स्थिति बदलती है और इसी के साथ संस्कृति भी बदलती रहती है। इसलिए वह किसी पुराने दौर को लेकर सामान्य चर्चा या सामान्य फैसला देने को सही नहीं मानतीं।

‘स्वीटी ने मुन्ना को ठुकराया, इस सोच पर भी सवाल

श्रिया ने इसी बातचीत में ‘मिर्जापुर’ के अपने किरदार स्वीटी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि शो के बाद कई लोग स्वीटी को यह कहकर दोष देते थे कि उसने मुन्ना भैया को ठुकराया था, इसलिए उसके साथ जो हुआ वह सही था।

एक्ट्रेस ने इस सोच को बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह कहना कि ‘स्वीटी ने मुन्ना को ठुकराया, इसलिए उसके साथ ये हुआ और यह जायज है’, गंभीर रूप से गलत मानसिकता को दिखाता है। श्रिया के मुताबिक, किसी महिला के किसी पुरुष को ठुकराने या अपनी पसंद का फैसला लेने को उसके साथ हुई घटना को सही ठहराने की वजह नहीं बनाया जा सकता।

‘किरदार के कर्म का नतीजा मिलना अलग बात है’

श्रिया ने यह भी कहा कि वो हमेशा इस बात को सामने रखने की कोशिश करती हैं कि किसी किरदार को उसके कर्मों का परिणाम मिल सकता है। हालांकि, किसी किरदार के साथ हुई घटना को उसके किसी फैसले की वजह से सही ठहराना अलग बात है। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच इस तरह की सोच होना काफी चिंताजनक है और इस मानसिकता पर बात करना जरूरी है।

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5 Sep 2026, 1:03 PM IST
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